सिंगरौली जिले के भलयाटोला गांव में गुरुवार को ग्रामीणों ने एक खेत की बाड़ में दो साल के एक भालू को फंसा देखा। भालू बाड़ के कंटीले तारों में बुरी तरह उलझ चुका था और खुद को छुड़ाने की कोशिश में और ज्यादा फंसता जा रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला और मुकुंदपुर जू की विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर भालू की जान बचाई। तारों के जाल में घंटों तड़पा भालू घटना की जानकारी मिलते ही सबसे पहले खनुआ सर्किल और पूर्व सरई का वन स्टाफ मौके पर पहुंचा। उन्होंने देखा कि तारों में उलझा भालू दर्द और डर के मारे काफी आक्रामक हो रहा था। किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए पुलिस और वनकर्मियों ने सबसे पहले ग्रामीणों को मौके से दूर किया। इसके बाद मुकुंदपुर जू से पहुंची वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला। सफल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन मुकुंदपुर जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता और उनकी टीम ने दोपहर में बड़ी सावधानी के साथ भालू को बाड़ के तारों से बाहर निकाला। रेस्क्यू के तुरंत बाद भालू का मौके पर ही स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। फिट पाए जाने के बाद भालू को आबादी क्षेत्र से दूर घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने की टीम की सराहना इस रेस्क्यू अभियान को सफल बनाने में उप वनमंडल अधिकारी बैढ़न, नायब तहसीलदार और सरई थाना पुलिस का विशेष सहयोग रहा। वन विभाग की इस फुर्ती और विशेषज्ञ टीम की सूझबूझ की ग्रामीणों ने सराहना की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगली जानवरों के दिखने या उनके फंसने पर खुद पास न जाएं और तुरंत विभाग को सूचना दें।


