कुम्मा गांव में वर्षों से बंद रास्ता प्रशासन ने खुलवाया:ग्रामीण की शिकायत पर कार्रवाई, पुलिस ने दुबारा कब्जा करने पर केस दर्ज करने की चेतावनी दी

कुम्मा गांव में वर्षों से बंद रास्ता प्रशासन ने खुलवाया:ग्रामीण की शिकायत पर कार्रवाई, पुलिस ने दुबारा कब्जा करने पर केस दर्ज करने की चेतावनी दी

सुरसंड प्रखंड के कुम्मा गांव में प्रशासन ने सोमवार को वर्षों से बंद एक रास्ते को खुलवा दिया। अंचलाधिकारी सतीश कुमार और थाना प्रभारी लाल किशोर गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अवरुद्ध मार्ग को तत्काल चालू करवाया। इस कार्रवाई के तहत, दो अन्य अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर अवैध निर्माण हटाने का अल्टीमेटम भी दिया गया है। यह कार्रवाई कुम्मा गांव निवासी मोहम्मद गुलाब द्वारा दिए गए एक आवेदन के बाद की गई। मोहम्मद गुलाब ने शिकायत की थी कि उनके पूर्वजों के समय से उपयोग में आ रहे आवागमन के रास्ते को गांव के कुछ लोगों ने बंद कर दिया था। आवेदन के अनुसार, मोहम्मद अरमान और मोहम्मद मुख्तार आलम ने दक्षिण दिशा से ईंट की दीवार खड़ी कर दी थी। वहीं, मोहम्मद रिजवान ने सरकारी रास्ते पर टीन का चदरा लगाकर कब्जा कर लिया था। एक तीसरे रास्ते पर भी चदरे का घर बनाकर उसे अवरुद्ध कर दिया गया था, जिससे मोहम्मद गुलाब का परिवार चारों तरफ से घिर गया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ कुम्मा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक रास्ते को तुरंत चालू करवाया। बाकी दो रास्तों पर किए गए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अंचलाधिकारी सतीश कुमार ने संबंधित पक्षों को दो दिन का समय देते हुए निर्देश दिया कि वे अपनी झोपड़ी और दीवार स्वयं हटा लें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे बलपूर्वक हटाया जाएगा। थानाध्यक्ष लाल किशोर गुप्ता ने बताया कि अवैध तरीके से किसी भी सड़क पर जबरन अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उसे जेल भी जाना पड़ेगा। सुरसंड प्रखंड के कुम्मा गांव में प्रशासन ने सोमवार को वर्षों से बंद एक रास्ते को खुलवा दिया। अंचलाधिकारी सतीश कुमार और थाना प्रभारी लाल किशोर गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अवरुद्ध मार्ग को तत्काल चालू करवाया। इस कार्रवाई के तहत, दो अन्य अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर अवैध निर्माण हटाने का अल्टीमेटम भी दिया गया है। यह कार्रवाई कुम्मा गांव निवासी मोहम्मद गुलाब द्वारा दिए गए एक आवेदन के बाद की गई। मोहम्मद गुलाब ने शिकायत की थी कि उनके पूर्वजों के समय से उपयोग में आ रहे आवागमन के रास्ते को गांव के कुछ लोगों ने बंद कर दिया था। आवेदन के अनुसार, मोहम्मद अरमान और मोहम्मद मुख्तार आलम ने दक्षिण दिशा से ईंट की दीवार खड़ी कर दी थी। वहीं, मोहम्मद रिजवान ने सरकारी रास्ते पर टीन का चदरा लगाकर कब्जा कर लिया था। एक तीसरे रास्ते पर भी चदरे का घर बनाकर उसे अवरुद्ध कर दिया गया था, जिससे मोहम्मद गुलाब का परिवार चारों तरफ से घिर गया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ कुम्मा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक रास्ते को तुरंत चालू करवाया। बाकी दो रास्तों पर किए गए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अंचलाधिकारी सतीश कुमार ने संबंधित पक्षों को दो दिन का समय देते हुए निर्देश दिया कि वे अपनी झोपड़ी और दीवार स्वयं हटा लें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे बलपूर्वक हटाया जाएगा। थानाध्यक्ष लाल किशोर गुप्ता ने बताया कि अवैध तरीके से किसी भी सड़क पर जबरन अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उसे जेल भी जाना पड़ेगा।  

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