मुजफ्फरपुर में जय गुरुदेव के जनजागरण यात्रा का 19वां पड़ाव:सकरा में संत पंकज महाराज का सत्संग, शाकाहार-सदाचार अपनाने का आह्वान किया

मुजफ्फरपुर में जय गुरुदेव के जनजागरण यात्रा का 19वां पड़ाव:सकरा में संत पंकज महाराज का सत्संग, शाकाहार-सदाचार अपनाने का आह्वान किया

मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड स्थित पिपरी हाईस्कूल मैदान में आज बाबा जयगुरुदेव महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज महाराज की 67 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा का 19वां पड़ाव हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। सत्संग को संबोधित करते हुए संत पंकज महाराज ने कहा कि सत्य, प्रेम, दया, करुणा और अहिंसा जैसे मानवीय मूल्यों से दूर होने के कारण प्रकृति असंतुलित हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि मौसम चक्र प्रभावित हो रहा है और कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा जैसी स्थितियां बन रही हैं। लोगों से आह्वान किया कि जीवन में शांति और सुख के लिए आध्यात्मिक मार्ग अपनाएं। इसके लिए उन्होंने “सुरत-शब्द योग” साधना पर बल देते हुए रोजाना कुछ समय भजन-ध्यान के लिए निकालने की बात कही। साथ ही श्रद्धालुओं को नामदान देकर साधना की विधि भी समझाई। महाराज ने शुद्ध खानपान पर जोर देते हुए मांसाहार और नशीली वस्तुओं से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गलत खानपान के कारण ही आज समाज में कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं। लोगों को शाकाहार अपनाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर आने वाले 17 से 21 मई तक मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित वार्षिक भंडारा-सत्संग मेला में शामिल होने का भी निमंत्रण दिया गया। कार्यक्रम में लक्ष्मीराय, पिंटू सिंह, राजेश झा, अनिल कुमार, उदय जी, मुकेश झा, लाल राय, देवेंद्र शाह, शंभू राय, विषुनदेव राय समेत कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव के लिए वैशाली जिले के भगवानपुर अनुमंडल स्थित नुनू बाबू के मैदान के लिए रवाना हो गई, जहां शुक्रवार को सत्संग आयोजित होगा। मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड स्थित पिपरी हाईस्कूल मैदान में आज बाबा जयगुरुदेव महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज महाराज की 67 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा का 19वां पड़ाव हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। सत्संग को संबोधित करते हुए संत पंकज महाराज ने कहा कि सत्य, प्रेम, दया, करुणा और अहिंसा जैसे मानवीय मूल्यों से दूर होने के कारण प्रकृति असंतुलित हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि मौसम चक्र प्रभावित हो रहा है और कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा जैसी स्थितियां बन रही हैं। लोगों से आह्वान किया कि जीवन में शांति और सुख के लिए आध्यात्मिक मार्ग अपनाएं। इसके लिए उन्होंने “सुरत-शब्द योग” साधना पर बल देते हुए रोजाना कुछ समय भजन-ध्यान के लिए निकालने की बात कही। साथ ही श्रद्धालुओं को नामदान देकर साधना की विधि भी समझाई। महाराज ने शुद्ध खानपान पर जोर देते हुए मांसाहार और नशीली वस्तुओं से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गलत खानपान के कारण ही आज समाज में कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं। लोगों को शाकाहार अपनाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर आने वाले 17 से 21 मई तक मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित वार्षिक भंडारा-सत्संग मेला में शामिल होने का भी निमंत्रण दिया गया। कार्यक्रम में लक्ष्मीराय, पिंटू सिंह, राजेश झा, अनिल कुमार, उदय जी, मुकेश झा, लाल राय, देवेंद्र शाह, शंभू राय, विषुनदेव राय समेत कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव के लिए वैशाली जिले के भगवानपुर अनुमंडल स्थित नुनू बाबू के मैदान के लिए रवाना हो गई, जहां शुक्रवार को सत्संग आयोजित होगा।  

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