3 घंटे 4 मिनट की वो फिल्म जिसके लिए पागल हुए थे लोग, घंटों टिकट के लिए लगती थी लाइन

3 घंटे 4 मिनट की वो फिल्म जिसके लिए पागल हुए थे लोग, घंटों टिकट के लिए लगती थी लाइन

Sholay: आजकल हर तरफ बस ‘धुरंधर 2’ का ही शोर सुनाई दे रहा है। रणवीर सिंह की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जिस तरह की दहाड़ लगाई है, उसे देखकर हर कोई हैरान है। फिल्म को रिलीज हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन सिनेमाघरों के बाहर लगी लंबी कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसकी तुलना पुरानी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से कर रहे हैं।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आज से ठीक 51 साल पहले भी देश में सिनेमा को लेकर कुछ ऐसा ही पागलपन देखने को मिला था? वो दौर था साल 1975 का, जब एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई जिसने हिंदी सिनेमा के इतिहास को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया। उस फिल्म का नाम था— शोले

धुरंधर 2 की तुलना शोले से कर रहे लोग (Audiences compare Ranveer Singh Dhurandhar 2 from sholay)

आज जब हम ‘धुरंधर 2’ के लिए दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज देख रहे हैं, तो वो पुरानी यादें ताजा हो रही हैं। निर्देशक रमेश सिप्पी की ‘शोले’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि वो एक त्योहार बन गई थी। उस दौर में न तो आज की तरह सोशल मीडिया था और न ही ऑनलाइन टिकट बुकिंग। लोग चिलचिलाती धूप में घंटों लाइन में खड़े रहते थे और कई बार तो टिकट न मिलने पर वहीं सिनेमाघर के बाहर ही सो जाते थे ताकि अगले दिन का पहला शो देख सकें।

sholay release 1975

5 साल तक थिएटर में चला था सिक्का (Ranveer Singh Dhurandhar 2)

‘शोले’ की कामयाबी का सबसे बड़ा गवाह बना मुंबई का मशहूर मिनर्वा थिएटर। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह फिल्म वहां लगातार 5 साल तक चलती रही। यह एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ना आज के दौर की किसी भी फिल्म के लिए नामुमकिन जैसा है। लोग जय और वीरू की दोस्ती, बसंती की बातें और गब्बर का खौफ देखने के लिए बार-बार थिएटर जाते थे। आज जैसे ‘धुरंधर 2’ को गेम-चेंजर बताया जा रहा है, ‘शोले’ ने उस वक्त इंडस्ट्री को एक्शन और कहानी कहने का नया तरीका सिखाया था।

किरदार जो आज भी हैं ‘अमर’ (sholay release 1975)

जिस तरह आज ‘धुरंधर 2’ के किरदारों की चर्चा घर-घर में हो रही है, ‘शोले’ के किरदार तो पिछले पांच दशकों से लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। अमिताभ बच्चन का शांत अंदाज़, धर्मेंद्र की मस्ती, संजीव कुमार (ठाकुर) का इंतकाम और अमजद खान का ‘गब्बर सिंह’—ये सब भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं।

sholay release 1975

बजट से कई गुना किया था कलेक्शन

उस समय करीब 3 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनी इस फिल्म ने 15 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया था। अगर आज के महंगाई दर (Inflation) के हिसाब से इसकी तुलना करें, तो यह कमाई कई हज़ार करोड़ के बराबर होगी। कुल मिलाकर, ‘धुरंधर 2’ की सफलता हमें याद दिलाती है कि जब भी पर्दे पर कोई बेहतरीन कहानी और दमदार किरदार उतरते हैं, तो भारतीय दर्शक अपना दिल खोलकर प्यार लुटाते हैं। ‘शोले’ से शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है।

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