कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मैंने पार्लियामेंट में कांग्रेस के किसी भी स्टैंड का किसी भी स्टेज पर विरोध नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा कि एकमात्र मुद्दा जिस पर सिद्धांत के आधार पर पब्लिक में असहमति हुई, वह ऑपरेशन सिंदूर था। उन्होंने कहा कि इस मामले पर मैंने बहुत मजबूत स्टैंड लिया था, और मैं उसके लिए कोई माफी नहीं मांगूंगा। पहलगाम की घटना के बाद, मैंने खुद इंडियन एक्सप्रेस में एक कॉलम लिखा था। मैंने उस आर्टिकल में कहा था कि यह बिना सजा के नहीं जा सकता, इसका जवाब देना ही होगा। तिरुवनंतपुरम सांसद ने शनिवार को कोझिकोड के केरल लिटरेचर फेस्टिवल में दर्शकों के सवालों का जवाब देते हुए ये बातें कहीं। थरूर की स्पीच की बड़ी बातें… थरूर के पिछले 5 बयान जो चर्चा में रहे… 9 जनवरी: नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है, लेकिन हर समस्या के लिए उन्हें गलत ठहराना सही नहीं केरल विधानसभा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव (KLIBF) के चौथे संस्करण में 9 जनवरी को शशि थरूर ने कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है, लेकिन देश की हर समस्या के लिए उन्हें अकेले दोषी ठहराना पूरी तरह गलत और अनुचित है। थरूर ने कहा- मैं यह नहीं कहूंगा कि मोदी सरकार लोकतंत्र-विरोधी है, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू-विरोधी हैं। नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… 1 जनवरी: शशि थरूर बोले- मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं भटका केरल के वायनाड स्थित सुल्तान बथेरी में कहा कि मैं कभी पार्टी लाइन से नहीं भटका। मेरा सवाल है, किसने कहा कि मैंने पार्टी लाइन छोड़ दी। जब मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की तो पार्टी और मैं एक ही लाइन पर खड़े थे। शशि ने कहा था कि मैं 17 साल से पार्टी में हूं और सहकर्मियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। अब अचानक किसी गलतफहमी की कोई जरूरत नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… 27 दिसंबर- प्रधानमंत्री का हारना भारत के हारने जैसा विदेश नीति भाजपा या कांग्रेस की नहीं, भारत की होती है। अगर राजनीति में कोई प्रधानमंत्री की हार पर खुश होता है, तो वह भारत की हार की खुशी मना रहा होता है। भारत को पाकिस्तान से आने वाले सुरक्षा खतरों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 25 दिसंबर- अवैध प्रवासियों पर सरकार का एक्शन सही देश में गैरकानूनी तरीके से रहने वाले लोगों (अवैध प्रवासियों) के खिलाफ सरकार के एक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को ठीक से संभालना सरकार की जिम्मेदारी है। पूरी खबर पढ़ें… 4 नवंबर- भारत में पॉलिटिक्स फैमिली बिजनेस भारत की वंशवादी राजनीति की आलोचना करते हुए एक लेख में कहा था- भारत में राजनीति फैमिली बिजनेस बन गई है। जब तक राजनीति परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रहेगी, तब तक लोकतांत्रिक सरकार का असली मतलब पूरा नहीं हो सकेगा। पूरी खबर पढ़ें… ………………………… ये खबर भी पढ़ें… थरूर ने वीर सावरकर अवॉर्ड लेने से इनकार किया: बोले-आयोजकों ने बिना पूछे नाम घोषित किया कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 10 अक्टूबर को X पर एक पोस्ट में वीर सावरकर अवॉर्ड को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा- मैं ये अवॉर्ड लेने नहीं जा रहा हूं। मुझे इसके बारे में केरल में रहते हुए मीडिया रिपोर्ट्स से ही जानकारी मिली। कांग्रेस सांसद ने कहा कि आयोजकों ने बिना पूछे मेरा नाम घोषित किया है। ऐसे में दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। पूरी खबर पढ़ें…
थरूर बोले-कांग्रेस के किसी भी स्टैंड का विरोध नहीं किया:केवल ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर असहमति थी, इसके लिए माफी नहीं मांगूंगा


