तमिलनाडु की राजनीति में इस बार मुकाबला और दिलचस्प होता नजर आ रहा है, क्योंकि फिल्म अभिनेता से नेता बने विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम के उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है और खुद भी चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार विजय पेरंबूर और त्रिची ईस्ट सीट से चुनाव लड़ेंगे, जो फिलहाल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के कब्जे में हैं।
बता दें कि राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 23 अप्रैल को मतदान होना तय है। गौरतलब है कि इस बार मुकाबला बहुकोणीय हो गया है, जिसमें एम के स्टालिन की अगुवाई वाली सत्ताधारी पार्टी के सामने कई मोर्चों से चुनौती मिल रही है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी और अन्नाद्रमुक का गठबंधन वापसी की कोशिश में है, वहीं विजय की पार्टी पहली बार चुनाव में उतरकर बड़ा प्रभाव छोड़ने की तैयारी में है।
विजय ने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए कहा कि यह सिर्फ नामों का ऐलान नहीं, बल्कि जनता के रक्षकों को सामने लाने की प्रक्रिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार आम पृष्ठभूमि से आते हैं और राजनीति में साफ-सुथरी छवि के साथ काम करने का इरादा रखते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर निशाना भी साधा है।
गौरतलब है कि विजय ने जनता से अपील करते हुए कहा कि पार्टी को एक मौका दिया जाए और “सीटी” चुनाव चिन्ह को समर्थन दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके सभी उम्मीदवार एक समान हैं और मतदाता किसी तरह का भेदभाव न करें। उनके बयान से यह साफ होता है कि वह खुद को और अपनी पार्टी को एक वैकल्पिक राजनीति के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो कोलाथुर सीट से विजय की पार्टी के वी एस बाबू सीधे मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को चुनौती देंगे। वहीं चेपॉक सीट पर सेल्वम को उतारा गया है, जहां उनका मुकाबला उपमुख्यमंत्री उधयनिधि स्टालिन से होगा। इसके अलावा पार्टी महासचिव आधव अर्जुना को विल्लीवक्कम और सेंगोट्टैयन को गोबीचेट्टिपालयम से टिकट दिया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार विजय ने अपने चुनावी वादों में नशामुक्त तमिलनाडु, बेरोजगार युवाओं को मासिक सहायता और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनकी पार्टी और स्टालिन गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है, जिससे संकेत मिलता है कि वह खुद को मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इस चुनाव में एस रामदास की पार्टी और अन्य दलों के साथ एक अलग मोर्चा भी बना है, जबकि सीमान की पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है। ऐसे में यह चुनाव तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण तय करने वाला साबित हो सकता है।


