मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार जारी है। सोमवार को विभिन्न जगहों पर आवारा कुत्तों के हमले में 9 लोग घायल हो गए। इन सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोचहाँ में भर्ती कराया गया। चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। सामान्य स्थिति को देखते हुए उन्हें घर भेज दिया गया। यह घटना प्रखंड के आधे दर्जन से अधिक गांवों में हुई। घायलों में राघो मझौली के 70 वर्षीय हरिहर राय, मैदापुर के 12 वर्षीय नरेश मांझी, कफेन चौधरी के 58 वर्षीय विजय मंडल, ककराचक के 12 वर्षीय कुलदीप कुमार, बुधौली के 19 वर्षीय सत्यम कुमार, कन्हारा के 19 वर्षीय जयकी कुमार, घरभारा की 60 वर्षीय रामसखी देवी, राघो मझौली की 17 वर्षीय काजल कुमारी और कन्हारा के 17 वर्षीय अभिमन्यु कुमार शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों के आतंक की चपेट में लगातार लोग आ रहे हैं। हालांकि, इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोग केवल इलाज कराकर घर जाने को मजबूर हैं। प्रखंड क्षेत्र में लोग आए दिन आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। एक दर्जन से अधिक गांवों में लोग लाठी-डंडे के सहारे आने-जाने को मजबूर हैं। एक पखवाड़े से अधिक समय से चल रहे इस आतंक पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई कदम न उठाए जाने से लोग भयभीत महसूस कर रहे हैं। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार जारी है। सोमवार को विभिन्न जगहों पर आवारा कुत्तों के हमले में 9 लोग घायल हो गए। इन सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोचहाँ में भर्ती कराया गया। चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। सामान्य स्थिति को देखते हुए उन्हें घर भेज दिया गया। यह घटना प्रखंड के आधे दर्जन से अधिक गांवों में हुई। घायलों में राघो मझौली के 70 वर्षीय हरिहर राय, मैदापुर के 12 वर्षीय नरेश मांझी, कफेन चौधरी के 58 वर्षीय विजय मंडल, ककराचक के 12 वर्षीय कुलदीप कुमार, बुधौली के 19 वर्षीय सत्यम कुमार, कन्हारा के 19 वर्षीय जयकी कुमार, घरभारा की 60 वर्षीय रामसखी देवी, राघो मझौली की 17 वर्षीय काजल कुमारी और कन्हारा के 17 वर्षीय अभिमन्यु कुमार शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों के आतंक की चपेट में लगातार लोग आ रहे हैं। हालांकि, इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोग केवल इलाज कराकर घर जाने को मजबूर हैं। प्रखंड क्षेत्र में लोग आए दिन आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। एक दर्जन से अधिक गांवों में लोग लाठी-डंडे के सहारे आने-जाने को मजबूर हैं। एक पखवाड़े से अधिक समय से चल रहे इस आतंक पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन द्वारा कोई कदम न उठाए जाने से लोग भयभीत महसूस कर रहे हैं।


