सारण में उग्र बंदर का आतंक खत्म:3 दिन में 30 लोगों को किया था घायल; 4 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया

सारण में उग्र बंदर का आतंक खत्म:3 दिन में 30 लोगों को किया था घायल; 4 घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा गया

सारण जिले के मशरक नगर पंचायत क्षेत्र में कई दिनों से आतंक मचा रहे एक उग्र बंदर को वन विभाग और निजी टीम ने पकड़ लिया है। इस बंदर ने तीन दिनों में करीब 30 लोगों को घायल किया था। बंदर के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। मशरक के स्टेशन रोड स्थित पुराने रेलवे स्टेशन से लेकर मशरक जंक्शन और गोला मंडी इलाके में पिछले दो-तीन दिनों से इस बंदर का आतंक था। यह राह चलते लोगों पर अचानक हमला कर देता था और घरों की छतों पर चढ़कर भी लोगों को निशाना बनाता था। इसके हमलों से लोग इतने भयभीत थे कि घरों से बाहर निकलने से भी कतराने लगे थे। बाजार आने-जाने वाले लोग डरे हुए थे
स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदर का आतंक इतना बढ़ गया था कि बाजार आने-जाने वाले लोग डरे हुए थे। यह भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी लोगों पर झपट्टा मार देता था। पिछले तीन दिनों में बंदर के काटने से करीब 30 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में किया गया। लगातार बढ़ रही घटनाओं से परेशान होकर स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम और एक निजी बंदर पकड़ने वाली टीम मौके पर पहुंची। चार घंटे की कड़ी मशक्कत और सावधानी के बाद टीम ने इस उग्र बंदर को पकड़ने में सफलता पाई। इलाके के लोगों ने राहत महसूस की
बंदर के पकड़े जाने की खबर फैलते ही इलाके के लोगों ने राहत महसूस की। उनका कहना था कि पिछले कई दिनों से पूरा इलाका बंदर के आतंक से सहमा हुआ था और लोग बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे थे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए बंदर को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखें और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। बंदर के पकड़े जाने के बाद मशरक के स्टेशन रोड और आसपास के बाजारों में फिर से चहल-पहल लौट आई है और लोगों ने राहत महसूस की है। सारण जिले के मशरक नगर पंचायत क्षेत्र में कई दिनों से आतंक मचा रहे एक उग्र बंदर को वन विभाग और निजी टीम ने पकड़ लिया है। इस बंदर ने तीन दिनों में करीब 30 लोगों को घायल किया था। बंदर के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। मशरक के स्टेशन रोड स्थित पुराने रेलवे स्टेशन से लेकर मशरक जंक्शन और गोला मंडी इलाके में पिछले दो-तीन दिनों से इस बंदर का आतंक था। यह राह चलते लोगों पर अचानक हमला कर देता था और घरों की छतों पर चढ़कर भी लोगों को निशाना बनाता था। इसके हमलों से लोग इतने भयभीत थे कि घरों से बाहर निकलने से भी कतराने लगे थे। बाजार आने-जाने वाले लोग डरे हुए थे
स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदर का आतंक इतना बढ़ गया था कि बाजार आने-जाने वाले लोग डरे हुए थे। यह भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी लोगों पर झपट्टा मार देता था। पिछले तीन दिनों में बंदर के काटने से करीब 30 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में किया गया। लगातार बढ़ रही घटनाओं से परेशान होकर स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम और एक निजी बंदर पकड़ने वाली टीम मौके पर पहुंची। चार घंटे की कड़ी मशक्कत और सावधानी के बाद टीम ने इस उग्र बंदर को पकड़ने में सफलता पाई। इलाके के लोगों ने राहत महसूस की
बंदर के पकड़े जाने की खबर फैलते ही इलाके के लोगों ने राहत महसूस की। उनका कहना था कि पिछले कई दिनों से पूरा इलाका बंदर के आतंक से सहमा हुआ था और लोग बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे थे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए बंदर को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखें और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। बंदर के पकड़े जाने के बाद मशरक के स्टेशन रोड और आसपास के बाजारों में फिर से चहल-पहल लौट आई है और लोगों ने राहत महसूस की है।  

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