ग्वालियर शहर के साथ-साथ अब अस्पतालों में भी आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह जयारोग्य समूह के एक हजार बिस्तर के अस्पताल के कैंपस में नहाने के लिए शौचालय जा रही एक महिला और मरीज से मिलने आए एक पुरुष के ऊपर आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया। कुत्तों ने महिला-पुरुष के पैरों को अपने जबड़ों में दबाकर वहां का मांस नौच लिया, घटना अस्पताल कैंपस में सुबह 6:30 से 7:00 बजे की है। घटना के वक्त आसपास मौजूद अन्य लोग और गार्ड मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाकर महिला-पुरुष की जान बचाई। कुत्तों के काटने से गंभीर रूप से घायल महिला-पुरुष को तत्काल अस्पताल के डॉग विभाग में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी पैरों पर कुत्तों के काटने से हुए जख्म पर मरम पट्टी कर टांके लगाए गए। कुत्ते के काटने से महिला शीला खटीक (32) घायल हुई है। गोल पहाड़िया शंकर कॉलोनी निवासी उनके पति लक्ष्मण खटीक ने बताया कि पत्नी के मायके तरफ से रिश्तेदार की तबीयत खराब थी और वह भर्ती था। गुरुवार को पत्नी उसी रिश्तेदार को देखने के लिए अस्पताल गई थी। वहां पर कोई मौजूद नहीं था इसलिए देखभाल करने के लिए वह रात में अस्पताल में ही रुक गई थी, शुक्रवार सुबह जब उसकी पत्नी नहाने के लिए अस्पताल के कैंपस के शौचालय में जा रही थी, तभी वहां मौजूद कुत्ते ने उसे पर हमला कर दिया था। पैर को बुरी तरह नोचा वही भिंड निवासी सलीम खान (32) पर आवारा कुत्तों ने हमला करते हुए उसे घायल कर दिया। सलीम शुक्रवार सुबह भिंड से अस्पताल में भर्ती अपने रिश्तेदार से मिलने के लिए आया था, सुबह सलीम जैसे ही अस्पताल कैंपस में घुसा वैसे ही वहां मौजूद आवारा कुत्तों ने उसपर हमला कर दिया था जिससे उसे गंभीर चोट आई थी। 10 दिन में 645 लोग शिकार ग्वालियर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां पिछले 72 घंटे में ही करीब 316 लोग कुत्तों के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या 22 से 28 साल के युवाओं की बताई जा रही है। नगर निगम का दावा है कि वह रोजाना 40 कुत्ते पकड़ता है और 25 कुत्तों की नसबंदी कराता है, जबकि शहर में बिरला नगर पुल के नीचे सिर्फ एक ही एबीसी सेंटर संचालित है, जहां नसबंदी की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद हालात यह हैं कि गली-मोहल्लों से लेकर चौराहों के साथ-साथ अब सरकारी अस्पतालों में भी तक आवारा कुत्ते हर दिन सैकड़ों लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। बच्चे, बुजुर्ग को बना रहे निशाना जयारोग्य अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक 18,993 डॉग बाइट के मामले सामने आए थे, जबकि 2025 में यह संख्या 8,606 रही और 2024-25 के दौरान कुल 27,593 घटनाएं दर्ज हुईं। वहीं, सिर्फ 1 जनवरी 2026 से 10 फरवरी के बीच ही 1800 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं, जिनमें बुजुर्ग, बच्चे और युवा सभी शामिल हैं।


