mp news: मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में बच्चा चोरी की फैल रही अफवाहों के बीच ग्रामीण इलाकों में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है। इसी दहशत के चलते लमेरा गांव में रात में पैदल जा रहीं दो महिलाओं और एक पुरुष को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया। ग्रामीणों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं और बदली हुई आवाज में बातचीत करने से शक और गहरा गया। इसके बाद गांव के लोग एकजुट हो गए और तीनों को रोककर पूछताछ की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
डिकौली गांव में शादी की बात कराने आए थे
पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार तीनों व्यक्ति जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। इनमें मीरा पति आनंद जारिया, रंजनी बैरागी पति प्रमोद शर्मा और सुभाष पुत्र सूरज चौधरी शामिल है। ये लोग बुडेरा थाना क्षेत्र के डिकौली गांव में राजेंद्र यादव और गोविंद्र यादव के यहां विवाह की बातचीत करने आए थे। बताया गया कि दोपहर से देर रात तक लेनदेन को लेकर चर्चा चलती रही, लेकिन वर पक्ष से रुपए की सहमति नहीं बन सकी। इसी कारण विवाह की बातचीत बिगड़ गई। रात अधिक हो जाने पर तीनों पैदल ही वापस लौट रहे थे। उसी दौरान लमेरा गांव के लोगों ने उन्हें संदिग्ध मान लिया।
पूछताछ के बाद छोड़ा
पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि तीनों विवाह कराने का काम करते है और लेनदेन विवाद के कारण लौट रहे थे। बच्चा चोरी से उनका कोई संबंध नहीं मिला। दस्तावेजों में पाई गई गड़बड़ी की जांच जारी है। तीनों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। पुलिस के मुताबिक जब ग्रामीणों ने पकड़कर तीनों लोगों से पूछताछ की तो उनके आधार कार्ड में नाम व जाति संबंधी जानकारी में विसंगति पाई गई थी जिसके कारण ग्रामीणों को उन पर शक गहराया था।


