Smart Meter Awareness: प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधाजनक विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा आयोजित स्मार्ट मीटर पखवाड़ा 2026 अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 9 फरवरी से 23 फरवरी तक चले इस विशेष जागरूकता अभियान के तहत हजारों बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की उपयोगिता, लाभ और संचालन संबंधी जानकारी दी गई।
इस अभियान का संचालन निगम के नेतृत्व में सरयू/गोमती स्मार्ट मीटरिंग टीम द्वारा किया गया, जिसने गांव-गांव और शहर के मोहल्लों में कैंप लगाकर उपभोक्ताओं से सीधे संवाद स्थापित किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना तथा डिजिटल बिजली व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाना था।
आरडीएसएस योजना के तहत तेज हुआ स्मार्ट मीटर अभियान
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निर्देशानुसार बहराइच जिले सहित कई क्षेत्रों में आरडीएसएस (रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के अंतर्गत पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने और लाइन लॉस कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

स्मार्ट मीटर पखवाड़ा के दौरान तकनीकी टीमों ने उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों पर जाकर मीटर स्थापना की प्रक्रिया समझाई। साथ ही उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन में संबंधित स्मार्ट मीटर एप डाउनलोड कराकर उन्हें स्वयं बिजली खपत देखने की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
अयोध्या, देवीपाटन और सीतापुर मंडलों में विशेष जागरूकता अभियान
स्मार्ट मीटर पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत अयोध्या मंडल, देवीपाटन मंडल और सीतापुर मंडल में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता कैंपों में पहुंचे और अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।
अभियान के दौरान कई उपभोक्ताओं में स्मार्ट मीटर को लेकर गलत धारणाएं देखने को मिलीं, जैसे अधिक बिल आने की आशंका या नियंत्रण की कमी। अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने उदाहरणों और लाइव प्रदर्शन के माध्यम से इन सभी भ्रांतियों को दूर किया।
स्मार्ट मीटर से मिल रही आधुनिक सुविधाएं
स्मार्ट मीटर प्रणाली उपभोक्ताओं को कई नई डिजिटल सुविधाएं प्रदान कर रही है, जिनमें प्रमुख हैं-
- रियल-टाइम बिजली खपत की जानकारी
- ऑनलाइन एवं डिजिटल भुगतान सुविधा
- बिलिंग में पारदर्शिता और सटीकता
- बिजली उपयोग पर बेहतर नियंत्रण
- ओवरलोड और अनावश्यक खपत पर निगरानी
- 24×7 ऑनलाइन सेवा उपलब्धता
अभियान के दौरान उपभोक्ताओं को मोबाइल ऐप का लाइव डेमो देकर दिखाया गया कि किस प्रकार वे अपने मोबाइल से ही बिजली खपत, बैलेंस, बिल और भुगतान की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
गांव-गांव जाकर किया गया जनसंपर्क
स्मार्ट मीटर पखवाड़ा को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर जनभागीदारी अभियान का रूप दिया गया। स्थानीय अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों की टीमों ने गांवों और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान-
- पंपलेट वितरित किए गए
- वीडियो प्रस्तुति दिखाई गई
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया
- सामुदायिक सभाएं आयोजित की गयी
- जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिक संगठनों ने भी अभियान में सक्रिय सहयोग किया।
चेक मीटर से समझाया स्मार्ट तकनीक का अंतर
अभियान की विशेष पहल के रूप में “चेक मीटर” का उपयोग किया गया। इसके माध्यम से पारंपरिक मीटर और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली की तुलना कर उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से बताया गया कि स्मार्ट मीटर किस प्रकार अधिक सटीक रीडिंग देता है और मानव त्रुटियों की संभावना समाप्त करता है। अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर से मीटर रीडर पर निर्भरता कम होती है तथा बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और स्वचालित हो जाती है।
उपभोक्ताओं में बढ़ा विश्वास
कैंपों में पहुंचे उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर से मिलने वाली सुविधाओं को उपयोगी बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई उपभोक्ताओं ने कहा कि अब वे अपने बिजली खर्च को पहले से बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से यह सुविधा लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि उपभोक्ता अब बिना बिजली कार्यालय गए ही ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
डिजिटल इंडिया की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
स्मार्ट मीटर पखवाड़ा अभियान को प्रदेश में बिजली क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य विद्युत सेवाओं को पारदर्शी, तकनीक आधारित और उपभोक्ता अनुकूल बनाना है।


