Iran Israel America War: मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने हालात को और गंभीर बना दिया है। अमेरिकी नौसेना का विशाल जहाज USS Tripoli अब इस इलाके में पहुंच चुका है। यह कोई साधारण युद्धपोत नहीं है, बल्कि ऐसा प्लेटफॉर्म है जो समुद्र से लेकर हवा और जमीन तक एक साथ ऑपरेशन करने की क्षमता रखता है। इस जहाज पर करीब 3,500 नाविक और मरीन तैनात हैं। इसके साथ लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और भारी सैन्य उपकरण भी मौजूद हैं। आसान भाषा में कहें तो यह एक चलता-फिरता सैन्य बेस है, जो कहीं भी तेजी से कार्रवाई कर सकता है।
क्यों अहम है यह तैनाती?
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि टकराव अब सीधे सैन्य स्तर तक पहुंच गया है। इसी बीच ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने की कोशिश की, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। ऐसे में USS Tripoli की तैनाती सिर्फ ताकत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है। अमेरिका इस इलाके में अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने देना चाहता।
क्या कर सकता है यह जहाज?
इस जहाज की सबसे बड़ी खासियत इसकी बहु-भूमिका क्षमता है। इसमें तैनात F-35B फाइटर जेट्स हवा से हमला कर सकते हैं, जबकि MV-22 ओस्प्रे हेलिकॉप्टर सैनिकों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें लैंडिंग क्राफ्ट भी हैं, जिनकी मदद से सीधे समुद्र से जमीन पर सैनिक उतारे जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर यह जहाज नागरिकों को सुरक्षित निकालने का काम भी कर सकता है। यानी युद्ध हो या आपात स्थिति यह हर तरह के ऑपरेशन के लिए तैयार है।
अमेरिका की रणनीति क्या है?
एक्सपर्ट का मानना है कि अमेरिका इस जहाज के जरिए कई मोर्चों पर एक साथ तैयारी कर रहा है। एक तरफ वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर ईरान की गतिविधियों पर नजर बनाए रखना भी उसकी प्राथमिकता है। इसके अलावा, अगर हालात और बिगड़ते हैं तो जमीनी कार्रवाई के विकल्प भी खुले रखे जा रहे हैं। यह साफ संकेत है कि अमेरिका सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहना चाहता।


