Escalation: पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी केंद्रीय कमान (US Central Command) ने शनिवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरानी नौसैनिक जहाजों (Iranian Naval Vessels) पर किए गए हवाई हमलों (Air Strikes) का फुटेज जारी किया है। सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए इस फुटेज के साथ अमेरिकी सेना ने सख्त संदेश दिया है कि क्षेत्रीय जलक्षेत्र में वैश्विक जहाजों (Global Shipping) को डराने और परेशान करने के दिन अब खत्म हो गए हैं।
दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवार (Counter Attack)
दूसरी ओर, ईरान की सरकारी मीडिया ‘तसनीम न्यूज एजेंसी’ के माध्यम से तेहरान ने चौंकाने वाले दावे किए हैं। ईरान का कहना है कि उसने दुबई में स्थित अमेरिकी सेना के दो गुप्त ठिकानों (Hidden Sites) पर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले (Missile and Drone Attacks) किए हैं। ईरानी सेना के प्रवक्ता के अनुसार, इन हमलों में अमेरिका को “भारी नुकसान” हुआ है। दावा किया गया है कि इन ठिकानों पर मौजूद 500 से अधिक अमेरिकी सैनिकों में से अधिकतर सैनिक हताहत हुए हैं और एम्बुलेंस घंटों तक शवों और घायलों को ले जाने में लगी रहीं।
ईरानी राष्ट्रपति की खाड़ी देशों को दो टूक चेतावनी (Presidential Warning)
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन (Masoud Pezeshkian) ने खाड़ी देशों (Gulf Countries) को स्पष्ट रूप से आगाह किया है। उन्होंने कहा कि यदि ये देश विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो वे अपनी जमीन का उपयोग अमेरिका या इजराइल (Israel) को ईरान पर हमला करने के लिए न करने दें। पेज़ेश्कियन ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के आर्थिक केंद्रों (Economic Hubs) या बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को निशाना बनाया गया, तो इसका परिणाम बहुत गंभीर होगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की रणनीति (Regional Security Strategy)
ईरानी सैन्य कमांडरों ने इस क्षेत्र को अमेरिकी सैनिकों के लिए “कब्रिस्तान” (Graveyard) बनाने की धमकी दी है। उनका कहना है कि अमेरिकी सेना के पास अब इस्लाम के योद्धाओं के सामने आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इस घटनाक्रम ने न केवल खाड़ी क्षेत्र बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी चिंता के बादल मंडरा दिए हैं।
अमेरिका की ओर से फुटेज जारी करना आक्रामक सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की ओर से फुटेज जारी करना उसकी आक्रामक सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है। वहीं ईरान के दावों में कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि अभी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय स्रोतों या पेंटागन द्वारा की जानी बाकी है। इस तनाव के बाद खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र (UN) के हस्तक्षेप पर नजर रहेगी। क्या यह छद्म युद्ध (Proxy War) अब सीधे संघर्ष में बदल जाएगा? यह आने वाले कुछ घंटों में स्पष्ट होगा। दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र के पास सैन्य तनाव बढ़ने से वैश्विक शेयर बाजारों (Global Stock Markets) और कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। ( इनपुट: ANI)


