वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट विकास के लिए 38.64 करोड़ का टेंडर जारी:टर्मिनल-एटीसी, टावर और फायर स्टेशन बनेंगे; पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट विकास के लिए 38.64 करोड़ का टेंडर जारी:टर्मिनल-एटीसी, टावर और फायर स्टेशन बनेंगे; पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

बगहा अनुमंडल के वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकास और उन्नयन के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने ईपीसी मोड पर ई-टेंडर जारी किया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 38.64 करोड़ रुपये है और निर्माण कार्य 11 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। यह जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष अचिंत्य कुमार लल्ला ने विभागीय सूत्रों के हवाले से दी। इस योजना के तहत, मौजूदा वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए विकसित किया जाएगा। इसमें प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर से एक आधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल है। साथ ही, प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, फायर स्टेशन और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे भी बनाए जाएंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों को सीधा मिलेगा लाभ परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करना है। इस एयरपोर्ट के विकसित होने से बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज सहित उत्तर बिहार के कई जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और लोगों को बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार बिहार में हवाई संपर्क और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में, हाल ही में मुजफ्फरपुर में निर्माणाधीन हवाईअड्डे के रनवे निर्माण के लिए भी 43.13 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा भाजपा जिलाध्यक्ष अचिंत्य कुमार लल्ला ने कहा कि वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकसित होने से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे उत्तर बिहार के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। बगहा अनुमंडल के वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकास और उन्नयन के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने ईपीसी मोड पर ई-टेंडर जारी किया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 38.64 करोड़ रुपये है और निर्माण कार्य 11 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। यह जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष अचिंत्य कुमार लल्ला ने विभागीय सूत्रों के हवाले से दी। इस योजना के तहत, मौजूदा वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए विकसित किया जाएगा। इसमें प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर से एक आधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल है। साथ ही, प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, फायर स्टेशन और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे भी बनाए जाएंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों को सीधा मिलेगा लाभ परियोजना का मुख्य उद्देश्य वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करना है। इस एयरपोर्ट के विकसित होने से बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज सहित उत्तर बिहार के कई जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और लोगों को बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार बिहार में हवाई संपर्क और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में, हाल ही में मुजफ्फरपुर में निर्माणाधीन हवाईअड्डे के रनवे निर्माण के लिए भी 43.13 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा भाजपा जिलाध्यक्ष अचिंत्य कुमार लल्ला ने कहा कि वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विकसित होने से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे उत्तर बिहार के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।  

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