उत्पाद के अनन्य विशेष न्यायाधीश संजीव कुमार ने नौतन थानाध्यक्ष के वेतन पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं करने के कारण की गई है। मामला वर्ष 2021 में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों से संबंधित है। न्यायालय सूत्रों के अनुसार, यह वाद स्पीडी ट्रायल के तहत प्रतिदिन संचालित किया जा रहा है। 5 दिसंबर 2025 तक इस मामले में केवल चार गवाहों की ही गवाही हो पाई है। 14 गवाहों की गवाही के बाद न्यायालय ने जारी किए थे वारंट शेष 14 गवाहों की गवाही सुनिश्चित कराने के लिए न्यायालय ने वारंट जारी किए थे और गवाहों की सूची नौतन थानाध्यक्ष को सौंपी थी। थानाध्यक्ष को प्रत्येक सुनवाई तिथि पर गवाहों को न्यायालय में उपस्थित कराने का स्पष्ट आदेश दिया गया था। साथ ही, आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरतने पर वेतन रोकने के संबंध में डीआईजी को भी पत्र भेजा गया था। इन आदेशों के बावजूद, 11 सुनवाई तिथियां बीत जाने के बाद भी शेष गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए, न्यायालय ने आदेश की अवहेलना मानते हुए गवाही पूरी होने तक नौतन थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक लगाने का आदेश पारित किया है। उत्पाद के अनन्य विशेष न्यायाधीश संजीव कुमार ने नौतन थानाध्यक्ष के वेतन पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं करने के कारण की गई है। मामला वर्ष 2021 में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों से संबंधित है। न्यायालय सूत्रों के अनुसार, यह वाद स्पीडी ट्रायल के तहत प्रतिदिन संचालित किया जा रहा है। 5 दिसंबर 2025 तक इस मामले में केवल चार गवाहों की ही गवाही हो पाई है। 14 गवाहों की गवाही के बाद न्यायालय ने जारी किए थे वारंट शेष 14 गवाहों की गवाही सुनिश्चित कराने के लिए न्यायालय ने वारंट जारी किए थे और गवाहों की सूची नौतन थानाध्यक्ष को सौंपी थी। थानाध्यक्ष को प्रत्येक सुनवाई तिथि पर गवाहों को न्यायालय में उपस्थित कराने का स्पष्ट आदेश दिया गया था। साथ ही, आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरतने पर वेतन रोकने के संबंध में डीआईजी को भी पत्र भेजा गया था। इन आदेशों के बावजूद, 11 सुनवाई तिथियां बीत जाने के बाद भी शेष गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए, न्यायालय ने आदेश की अवहेलना मानते हुए गवाही पूरी होने तक नौतन थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक लगाने का आदेश पारित किया है।


