तेजस्वी बोले- कैसा सुशासन, बिहार फिसड्डी क्यों? जवाब में जदयू ने जंगलराज का वीडियो जारी किया

तेजस्वी बोले- कैसा सुशासन, बिहार फिसड्डी क्यों? जवाब में जदयू ने जंगलराज का वीडियो जारी किया

जदयू और राजद के बीच जोरदार डिजिटल लड़ाई हुई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूछा- बीते 20 वर्षों में कैसा सुशासन रहा, जो बिहार हर मामले में फिसड्डी है? उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा) को बिहार के हालात पर खुली बहस की चुनौती दी। इसके जवाब में जदयू ने ‘जंगलराज’ का वीडियो बनाया। लालू प्रसाद व राबड़ी देवी के शासनकाल के कारनामे बताए। वीडियो में यह भी बताया गया कि नीतीश ने कितनी मशक्कत से बिहार को यू-टर्न मोड में बदला। जदयू ने एक वीडियो क्लिप में बताया कि राजद राज में अंधेरा ज्यादा, उम्मीद कम थी। डर खबर नहीं, हकीकत थी। सवाल बहुत थे, जवाब कहीं नहीं थे। वक्त बदला। सोच बदली। नीतीश के नेतृत्व में बिना शोर के बदलाव हुए। बिना भेदभाव का बिहार बना। अब डर नहीं, विश्वास है। रुकावट नहीं, रफ्तार है। कुछ लोग सिर्फ बोलते रहे, नीतीश इतिहास गढ़ते रहे। अब न घोटालों का शोर, न अपराधियों का जोर, बस विकास हर ओर। एक और पोस्टर- दो दशक विकास, सुरक्षा, सम्मान और अवसर के। इधर, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा- नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से मुक्त कर सुदृढ़ कानून-व्यवस्था की स्थापना की। बदनाम बिहार को सुशासन का मॉडल बनाया। जदयू का पलटवार जदयू ने जवाब में कई वीडियो और डिजिटल पोस्टर बनाए। इसमें बताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने डर से भरोसे तक की ऐतिहासिक यात्रा तय की। अपराध और अराजकता के दौर से निकलकर आज बिहार विकास, सुशासन और नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। यहां हर कदम पर विश्वास, प्रगति और सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा सकता है। तेजस्वी का वार राजद नेता तेजस्वी यादव ने साक्षरता, प्रति व्यक्ति आय, निवेश, उपभोग, ग्रामीण आय से लेकर प्रति व्यक्ति बिजली की खपत तक में बिहार को सबसे पीछे बताया। कहा- किसानों की आमदनी सबसे कम है। सबसे अधिक अपराध, गरीबी, पलायन, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, प्रदूषण, स्कूलों से ड्रॉप आउट आदि बिहार में है। डॉक्टरों के 58% पद खाली हैं। 14% आबादी झोपड़ी में रहती है। जदयू और राजद के बीच जोरदार डिजिटल लड़ाई हुई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूछा- बीते 20 वर्षों में कैसा सुशासन रहा, जो बिहार हर मामले में फिसड्डी है? उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा) को बिहार के हालात पर खुली बहस की चुनौती दी। इसके जवाब में जदयू ने ‘जंगलराज’ का वीडियो बनाया। लालू प्रसाद व राबड़ी देवी के शासनकाल के कारनामे बताए। वीडियो में यह भी बताया गया कि नीतीश ने कितनी मशक्कत से बिहार को यू-टर्न मोड में बदला। जदयू ने एक वीडियो क्लिप में बताया कि राजद राज में अंधेरा ज्यादा, उम्मीद कम थी। डर खबर नहीं, हकीकत थी। सवाल बहुत थे, जवाब कहीं नहीं थे। वक्त बदला। सोच बदली। नीतीश के नेतृत्व में बिना शोर के बदलाव हुए। बिना भेदभाव का बिहार बना। अब डर नहीं, विश्वास है। रुकावट नहीं, रफ्तार है। कुछ लोग सिर्फ बोलते रहे, नीतीश इतिहास गढ़ते रहे। अब न घोटालों का शोर, न अपराधियों का जोर, बस विकास हर ओर। एक और पोस्टर- दो दशक विकास, सुरक्षा, सम्मान और अवसर के। इधर, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा- नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से मुक्त कर सुदृढ़ कानून-व्यवस्था की स्थापना की। बदनाम बिहार को सुशासन का मॉडल बनाया। जदयू का पलटवार जदयू ने जवाब में कई वीडियो और डिजिटल पोस्टर बनाए। इसमें बताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने डर से भरोसे तक की ऐतिहासिक यात्रा तय की। अपराध और अराजकता के दौर से निकलकर आज बिहार विकास, सुशासन और नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। यहां हर कदम पर विश्वास, प्रगति और सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा सकता है। तेजस्वी का वार राजद नेता तेजस्वी यादव ने साक्षरता, प्रति व्यक्ति आय, निवेश, उपभोग, ग्रामीण आय से लेकर प्रति व्यक्ति बिजली की खपत तक में बिहार को सबसे पीछे बताया। कहा- किसानों की आमदनी सबसे कम है। सबसे अधिक अपराध, गरीबी, पलायन, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, प्रदूषण, स्कूलों से ड्रॉप आउट आदि बिहार में है। डॉक्टरों के 58% पद खाली हैं। 14% आबादी झोपड़ी में रहती है।  

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