घर-घर दस्तक देंगे आज से शिक्षक, आउट ऑफ स्कूल बच्चों को स्कूल लाएगी सरकार

घर-घर दस्तक देंगे आज से शिक्षक, आउट ऑफ स्कूल बच्चों को स्कूल लाएगी सरकार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से वापस जोड़ने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रवेशोत्सव-2026 का बिगुल फूंक दिया है। शुक्रवार से पूरे प्रदेश में यह विशेष अभियान शुरू होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को फील्ड में उतरने के आदेश दिए हैं।

इस बार अभियान को पूरी तरह डिजिटल रूप दिया गया है। शिक्षक अब घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और उसकी रियल-टाइम प्रविष्टि नए डिजिटल प्रवेशोत्सव ऐप पर करेंगे। खास बात यह है कि सर्वे में केवल उन्हीं बच्चों का डेटा नहीं भरा जाएगा जो स्कूल नहीं जा रहे, बल्कि हर घर की जानकारी ऐप पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। जाट ने कहा कि एक व्यक्ति-एक प्रवेश अभियान के तहत पूर्व विद्यार्थियों और समुदाय का सहयोग लिया जाए। सुनिश्चित करें कि आंगनबाड़ी या विद्यालय जाने योग्य एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

दो चरणों में चलेगा अभियान: जुलाई तक होंगे दाखिले

प्रवेशोत्सव को दो मुख्य चरणों में बांटा गया है, ताकि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। प्रथम चरण 27 मार्च से 25 अप्रेल तक हाउस होल्ड सर्वे और 1 अप्रेल से 2 मई तक नामांकन। द्वितीय चरण 4 मई से 4 जुलाई तक पुनः सर्वे और 11 जुलाई तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी। सघन अभियान 27 मार्च, 6 अप्रेल, 10 अप्रेल और 15 अप्रेल को विशेष सघन अभियान चलाए जाएंगे।

आंगनबाड़ी के बच्चों को सीधे स्कूल में अस्थायी प्रवेश

विभाग ने इस बार आंगनबाड़ियों पर विशेष फोकस किया है। 5-6 वर्ष की आयु के बच्चे जो आंगनबाड़ी में पढ़ रहे हैं, उनकी सूची शाला दर्पण पोर्टल से सीधे प्राप्त की जाएगी। पीईईओ इन बच्चों को नजदीकी स्कूल में कक्षा-1 में अस्थायी प्रवेश देंगे और उन्हें अस्थायी प्रवेश प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा।

तिलक लगाकर होगा अभिनंदन

नवाचार के तहत, स्कूलों में प्रवेश महोत्सव मनाया जाएगा। नए आने वाले विद्यार्थियों का स्वागत तिलक लगाकर और माला पहनाकर किया जाएगा। इस दौरान अभिभावकों को भी स्कूल बुलाकर प्रवेश समिति से परिचय करवाया जाएगा ताकि वे स्कूल के वातावरण से जुड़ाव महसूस कर सकें।

खास बातें जो आपको जाननी चाहिए

प्रमुख बिंदु विवरण

  • लक्ष्य आयु वर्ग 3 वर्ष से 18 वर्ष तक के सभी बालक-बालिकाएं।
  • डिजिटल मॉनिटरिंग प्रवेशोत्सव ऐप’ पर हर घर का डेटा होगा अपलोड।
  • साप्ताहिक समीक्षा हर शनिवार दोपहर 1 बजे तक पीईईओ को रिपोर्ट देनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *