मथुरा में सोमवार को अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने टीईटी के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज से होली गेट तक पैदल मार्च किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। यह मशाल जुलूस शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ। इसमें शामिल शिक्षकों ने हाथों में कैंडल और मशाल लेकर टीईटी के खिलाफ नारेबाजी की। ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया। शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति के समय टीईटी की अनिवार्यता लागू नहीं थी। ऐसे में अब उन्हें इसके दायरे में लाना अनुचित है। उन्होंने इस निर्णय को ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। शिक्षक नेता देवेंद्र सारस्वत ने सरकार से शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय लेने से पहले शिक्षकों से संवाद आवश्यक है। सारस्वत के अनुसार, यह आंदोलन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है और इसे जारी रखा जाएगा। मशाल जुलूस के दौरान स्थानीय प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहा। पूरे कार्यक्रम में शांति व्यवस्था बनी रही, हालांकि शिक्षकों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।


