बरनाला जिले में शिक्षकों ने आज कचहरी चौक पर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी आदेशों की प्रतियां जलाईं और जमकर नारेबाजी की। शिक्षक पुराने भर्ती हुए अध्यापकों पर टीईटी परीक्षा थोपने का विरोध कर रहे हैं। अध्यापक नेता नरेंद्र शैहना, हरिंदर मल्लीयां, परमिंदर सिंह, राजीव कुमार और जसवीर सिंह बीहला के नेतृत्व में शिक्षकों ने कहा कि सरकार द्वारा पुराने भर्ती हुए अध्यापकों पर जबरदस्ती टीईटी परीक्षा थोपना गलत और गैर-कानूनी है। कुछ देर के लिए रोड जाम प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कुछ देर के लिए सड़क भी जाम की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस फैसले को लागू करने में बेवजह जल्दबाजी दिखा रही है। सुखबीर सिंह संघेड़ा और मनमोहन भट्ठल ने बताया कि 2011 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों को पदोन्नति या नौकरी पर बने रहने के लिए अब परीक्षा देने को कहना अन्यायपूर्ण है। शिक्षकों ने घोषणा की कि इस ‘काले कानून’ के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को पूरे पंजाब के शिक्षक शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र आनंदपुर साहिब में एक बड़ा प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर बलजिंदर प्रभु, अमरीक सिंह, हरजीत सिंह, सीमा रानी सहित बड़ी संख्या में अध्यापक मौजूद रहे। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक यह आदेश वापस नहीं लिया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।


