सुपौल में प्रशासनिक सख्ती के तहत जिला पदाधिकारी सावन कुमार के एक्शन मोड का असर लगातार देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, लक्ष्मीनियां (प्रखंड-छातापुर) में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक जयशंकर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों और विभागीय जांच के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयशंकर सिंह पर विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने, भौतिक रूप से अनुपस्थित रहने के बावजूद प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से उपस्थिति दर्ज कराने तथा शिक्षण कार्य छोड़कर सहरसा में मेडिकल दुकान चलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। यह शिकायत लक्ष्मीनियां निवासी अभिषेक झा द्वारा लिखित रूप में विभाग को दी गई थी। निरीक्षण में शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए मामले की जांच के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, छातापुर द्वारा 16 मार्च 2026 को किए गए निरीक्षण में शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। जब उनसे दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने स्वयं को सुपौल में होने की बात कही, लेकिन लाइव लोकेशन मांगने पर उनका स्थान सहरसा में पाया गया, जिससे आरोप और भी पुख्ता हो गए। इसके अलावा ई-शिक्षा कोष की समीक्षा में भी यह सामने आया कि संबंधित शिक्षक बीते माह और शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान लगातार अनुपस्थित रहे हैं, जबकि रिकॉर्ड में ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ दिखाया गया था। इस संबंध में विभाग द्वारा 16 मार्च 2026 को स्पष्टीकरण भी मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय तक कोई जवाब नहीं दिया गया। मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर निर्धारित किया गया इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 की धारा 09 के तहत जयशंकर सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर निर्धारित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के तहत उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही, अलग से आरोप पत्र जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मियों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुपौल में प्रशासनिक सख्ती के तहत जिला पदाधिकारी सावन कुमार के एक्शन मोड का असर लगातार देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, लक्ष्मीनियां (प्रखंड-छातापुर) में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक जयशंकर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों और विभागीय जांच के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयशंकर सिंह पर विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने, भौतिक रूप से अनुपस्थित रहने के बावजूद प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से उपस्थिति दर्ज कराने तथा शिक्षण कार्य छोड़कर सहरसा में मेडिकल दुकान चलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। यह शिकायत लक्ष्मीनियां निवासी अभिषेक झा द्वारा लिखित रूप में विभाग को दी गई थी। निरीक्षण में शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए मामले की जांच के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, छातापुर द्वारा 16 मार्च 2026 को किए गए निरीक्षण में शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। जब उनसे दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने स्वयं को सुपौल में होने की बात कही, लेकिन लाइव लोकेशन मांगने पर उनका स्थान सहरसा में पाया गया, जिससे आरोप और भी पुख्ता हो गए। इसके अलावा ई-शिक्षा कोष की समीक्षा में भी यह सामने आया कि संबंधित शिक्षक बीते माह और शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान लगातार अनुपस्थित रहे हैं, जबकि रिकॉर्ड में ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ दिखाया गया था। इस संबंध में विभाग द्वारा 16 मार्च 2026 को स्पष्टीकरण भी मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय तक कोई जवाब नहीं दिया गया। मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर निर्धारित किया गया इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 की धारा 09 के तहत जयशंकर सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर निर्धारित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के तहत उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही, अलग से आरोप पत्र जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मियों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


