सहरसा के सलखुआ थाना क्षेत्र में कोसी तटबंध पर गुरुवार को एक सरकारी शिक्षक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलखुआ में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 43 वर्षीय दिलीप कुमार के रूप में हुई है, जो सलखुआ प्रखंड के एनपीएस गौरी मुसहरी में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। शिक्षक की आकस्मिक मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद को लेकर गांव के कुछ लोगों ने दिलीप कुमार का अपहरण कर उन्हें जहर देकर हत्या कर दी है। 2 साल पहले से तीन कट्ठा 14 धुर जमीन को लेकर विवाद दिलीप कुमार अपने परिवार के साथ सिमरी बख्तियारपुर में किराए के मकान में रहते थे और वहीं से प्रतिदिन विद्यालय आते-जाते थे। मृतक के छोटे भाई सनोज ने बताया कि उनके भाई आज सुबह स्कूल गए हुए थे और उनके भाई को गांव के ही दिनेश, लालु और ललटू ने अगवा कर लिया उन लोगों ने ही मेरे भाई की हत्या की है। उसने कहा कि बीते 2 वर्ष पहले से तीन कट्ठा 14 धुर जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। सूचना मिलते ही परिजन ले गए अस्पताल घटना के संबंध में बताया जाता है कि गुरुवार दोपहर बाद मृतक के छोटे भाई और अन्य परिजनों को सूचना मिली कि दिलीप कुमार उटेशरा कोसी तटबंध पर केंचु बासा के समीप बेहोश पड़े हैं। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें लेकर सलखुआ अस्पताल आए। अस्पताल में ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. सुलेमान ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा घटना की सूचना मिलते ही सलखुआ थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सहरसा भेज दिया है। सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के स्पष्ट कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। सहरसा के सलखुआ थाना क्षेत्र में कोसी तटबंध पर गुरुवार को एक सरकारी शिक्षक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। परिजनों ने उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलखुआ में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 43 वर्षीय दिलीप कुमार के रूप में हुई है, जो सलखुआ प्रखंड के एनपीएस गौरी मुसहरी में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। शिक्षक की आकस्मिक मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद को लेकर गांव के कुछ लोगों ने दिलीप कुमार का अपहरण कर उन्हें जहर देकर हत्या कर दी है। 2 साल पहले से तीन कट्ठा 14 धुर जमीन को लेकर विवाद दिलीप कुमार अपने परिवार के साथ सिमरी बख्तियारपुर में किराए के मकान में रहते थे और वहीं से प्रतिदिन विद्यालय आते-जाते थे। मृतक के छोटे भाई सनोज ने बताया कि उनके भाई आज सुबह स्कूल गए हुए थे और उनके भाई को गांव के ही दिनेश, लालु और ललटू ने अगवा कर लिया उन लोगों ने ही मेरे भाई की हत्या की है। उसने कहा कि बीते 2 वर्ष पहले से तीन कट्ठा 14 धुर जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। सूचना मिलते ही परिजन ले गए अस्पताल घटना के संबंध में बताया जाता है कि गुरुवार दोपहर बाद मृतक के छोटे भाई और अन्य परिजनों को सूचना मिली कि दिलीप कुमार उटेशरा कोसी तटबंध पर केंचु बासा के समीप बेहोश पड़े हैं। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें लेकर सलखुआ अस्पताल आए। अस्पताल में ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉ. सुलेमान ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा घटना की सूचना मिलते ही सलखुआ थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सहरसा भेज दिया है। सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के स्पष्ट कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।


