टीबी का इलाज पूरी तरह संभव – सिविल सर्जन:क्षय रोग दिवस पर मॉडल अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, लोगों को किया जागरूक

टीबी का इलाज पूरी तरह संभव – सिविल सर्जन:क्षय रोग दिवस पर मॉडल अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, लोगों को किया जागरूक

विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मंगलवार को मॉडल अस्पताल परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। उन्होंने बताया कि सरकार मरीजों को मुफ्त जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सभी से टीबी मुक्त समाज बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों ने टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ ली। सभी ने समाज से टीबी खत्म करने और हर मरीज तक सही इलाज पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर 11 टीबी मरीजों को पोषण सहायता के रूप में प्रोटीन पाउडर वितरित किया गया। सिविल सर्जन ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है, जिससे उनकी रिकवरी तेजी से हो सके। जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर टीबी से बचाव, लक्षण और उपचार की जानकारी लोगों तक पहुंचाएगा। संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जी. एम. ठाकुर ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने लोगों से दो हफ्ते से अधिक खांसी, वजन कम होने या लगातार बुखार रहने पर तुरंत जांच कराने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच अवश्य कराएं। इस मौके पर डीपीसी पंकज कुमार, सतनारायण शर्मा, राजाराम भारती, कृष्ण देव, भुवन नारायण कंठ, अनिल कुमार, सहयोगी संस्था आईआईएच और डीएफआई सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे। विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मंगलवार को मॉडल अस्पताल परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। उन्होंने बताया कि सरकार मरीजों को मुफ्त जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सभी से टीबी मुक्त समाज बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों ने टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ ली। सभी ने समाज से टीबी खत्म करने और हर मरीज तक सही इलाज पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर 11 टीबी मरीजों को पोषण सहायता के रूप में प्रोटीन पाउडर वितरित किया गया। सिविल सर्जन ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है, जिससे उनकी रिकवरी तेजी से हो सके। जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर टीबी से बचाव, लक्षण और उपचार की जानकारी लोगों तक पहुंचाएगा। संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जी. एम. ठाकुर ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने लोगों से दो हफ्ते से अधिक खांसी, वजन कम होने या लगातार बुखार रहने पर तुरंत जांच कराने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच अवश्य कराएं। इस मौके पर डीपीसी पंकज कुमार, सतनारायण शर्मा, राजाराम भारती, कृष्ण देव, भुवन नारायण कंठ, अनिल कुमार, सहयोगी संस्था आईआईएच और डीएफआई सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।  

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