बांग्लादेश (Bangladesh) की पूर्व पीएम शेख हसीना (Sheikh Hasina) के अपदस्थ होने के बाद देश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार काफी बढ़ गया। मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के अंतरिम लीडर बनने के बाद भी इस विषय में कोई ज़रूरी कदम नहीं उठाया गया। शेख हसीना को भारत (India) में शरण देने और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार की वजह से दोनों देशों के संबंध बिगड़ गए। हालांकि कुछ समय पहले ही तारिक रहमान (Tarique Rahman) के बांग्लादेश का पीएम बनने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में सुधार के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
रक्षा संबंधों में सुधार पर हुई चर्चा
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा (Pranay Verma) ने बांग्लादेश के पीएम रहमान के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (रिटायर्ड) ए.के.एम शमशुल इस्लाम (A.K.M. Shamsul Islam) के साथ मीटिंग की और द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के महत्व पर ज़ोर दिया। मीटिंग के दौरान दोनों अधिकारियों ने भारत और बांग्लादेश के बीच सुरक्षा और रक्षा संबंधों की समीक्षा की, जिसमें द्विपक्षीय परामर्श तंत्र, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण पहल और दोनों देशों के रक्षा संस्थानों के बीच आदान-प्रदान शामिल थे। साथ ही उन्होंने अपने रक्षा संबंधों को और मज़बूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
मिलकर काम करने पर जताई सहमति
दोनों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। उच्चायुक्त ने जानकारी दी कि आपसी हित और आपसी लाभ पर आधारित अपने बहुआयामी सहयोग को बढ़ाने के लिए भारत सरकार, बांग्लादेश सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।


