दरभंगा में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जिले में चल रहे सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए/आईडीए) के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को दवा खिला रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना है, ताकि इस गंभीर बीमारी की कड़ी को तोड़ा जा सके। स्वास्थ्यकर्मियों के साथ आशा और आंगनबाड़ी सेविकाएं मोहल्लों और गलियों में भ्रमण कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। डॉ. एके मिश्रा (जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी) ने बताया कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यदि सभी लक्षित लोग दवा का सेवन कर लेते हैं, तो संक्रमण की श्रृंखला टूट जाएगी और आने वाले वर्षों में यह रोग समाप्त किया जा सकेगा।
लोगों से दवा लेनी की अपील अभियान के तहत जिले की लक्षित आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी भय के दवा का सेवन करें और फाइलेरिया मुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी दें।
मौके पर पिरामल फाउंडेशन के चंद्रेश कर्ण, डीए सुपरवाइजर रिमझिम कुमारी, आशा कार्यकर्ता विनीता देवी, नुसरत प्रवीण, अंगूरी खातून एवं ममता देवी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जागरूकता और सामूहिक सहयोग से ही फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाया जा सकता है। दरभंगा में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जिले में चल रहे सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए/आईडीए) के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को दवा खिला रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना है, ताकि इस गंभीर बीमारी की कड़ी को तोड़ा जा सके। स्वास्थ्यकर्मियों के साथ आशा और आंगनबाड़ी सेविकाएं मोहल्लों और गलियों में भ्रमण कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। डॉ. एके मिश्रा (जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी) ने बताया कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यदि सभी लक्षित लोग दवा का सेवन कर लेते हैं, तो संक्रमण की श्रृंखला टूट जाएगी और आने वाले वर्षों में यह रोग समाप्त किया जा सकेगा।
लोगों से दवा लेनी की अपील अभियान के तहत जिले की लक्षित आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी भय के दवा का सेवन करें और फाइलेरिया मुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी दें।
मौके पर पिरामल फाउंडेशन के चंद्रेश कर्ण, डीए सुपरवाइजर रिमझिम कुमारी, आशा कार्यकर्ता विनीता देवी, नुसरत प्रवीण, अंगूरी खातून एवं ममता देवी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जागरूकता और सामूहिक सहयोग से ही फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाया जा सकता है।


