डंडखोरा में नल-जल योजना ठप:करोड़ों खर्च के बावजूद ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा पानी, विभाग से कार्रवाई की मांग

डंडखोरा में नल-जल योजना ठप:करोड़ों खर्च के बावजूद ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा पानी, विभाग से कार्रवाई की मांग

डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से लागू की गई नल-जल योजना लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रही है। योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाना था, लेकिन कई पंचायतों में ग्रामीण अभी भी इसके लाभ से वंचित हैं। प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। कहीं मोटर खराब पड़ा है तो कहीं पानी टंकी तक नहीं चढ़ पाता। इस कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के चापाकलों से पानी लाना पड़ता है। इन चापाकलों से मिलने वाले पानी के दूषित होने की आशंका भी बनी रहती है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नल-जल योजना की नियमित जांच कर जल्द से जल्द शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि योजना का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंच सके। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश ने बताया कि मामले की जांच कर जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल की जाएगी। डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से लागू की गई नल-जल योजना लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रही है। योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाना था, लेकिन कई पंचायतों में ग्रामीण अभी भी इसके लाभ से वंचित हैं। प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। कहीं मोटर खराब पड़ा है तो कहीं पानी टंकी तक नहीं चढ़ पाता। इस कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के चापाकलों से पानी लाना पड़ता है। इन चापाकलों से मिलने वाले पानी के दूषित होने की आशंका भी बनी रहती है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नल-जल योजना की नियमित जांच कर जल्द से जल्द शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि योजना का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंच सके। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम प्रकाश ने बताया कि मामले की जांच कर जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल की जाएगी।  

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