तमिलनाडु का ट्रक ड्राइवर दमोह में भटका, साथी छोड़कर भागा:हिंदी नहीं बोल पाने से मदद मांगने में हुई मुश्किल, RPF ने ट्रेन से कोयंबटूर भेजा

तमिलनाडु का ट्रक ड्राइवर दमोह में भटका, साथी छोड़कर भागा:हिंदी नहीं बोल पाने से मदद मांगने में हुई मुश्किल, RPF ने ट्रेन से कोयंबटूर भेजा

दमोह के सिनेमैटोग्राफर और नगर पालिका के ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल ने अपनी सूझबूझ से तमिलनाडु के एक ट्रक ड्राइवर को सुरक्षित उसके घर रवाना किया। भाषा की वजह से और चोरी की घटना के कारण यह ड्राइवर शहर में भटक रहा था। तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी ड्राइवर तमिल सेल्वन अपने एक साथी के साथ ट्रक लेकर मध्य प्रदेश आए थे। गुरुवार रात उनका साथी उन्हें दमोह में अकेला छोड़कर भाग गया। तमिल सेल्वन को हिंदी नहीं आती थी, जिससे उन्हें मदद मांगने में मुश्किल हो रही थी। इसी बीच रेलवे स्टेशन पर किसी ने उनका मोबाइल भी चोरी कर लिया। अंग्रेजी में बातचीत से सुलझी गुत्थी शुक्रवार दोपहर मोरगंज गल्ला मंडी में हरीश पटेल के दोस्त मनोज गुप्ता ने ड्राइवर को परेशान देखा। जब वे भाषा की वजह से बात नहीं समझ पाए, तो हरीश पटेल वहां पहुंचे और ड्राइवर से अंग्रेजी में बात की। तब जाकर पता चला कि ड्राइवर के पास न पैसे हैं और न ही घर संपर्क करने का कोई जरिया। प्रशासन और दोस्तों ने की मदद हरीश पटेल ने तुरंत इसकी जानकारी दमोह कलेक्टर को दी। इसके बाद जिला प्रशासन और आरपीएफ के सहयोग से ड्राइवर को दमोह स्टेशन ले जाया गया। शिप्रा एक्सप्रेस से किया रवाना हरीश और उनके दोस्तों ने ड्राइवर को रास्ते के लिए कुछ पैसे दिए। आरपीएफ ने टिकट का इंतजाम कर तमिल सेल्वन को शिप्रा एक्सप्रेस से कोयंबटूर के लिए रवाना किया। जाते समय ड्राइवर ने भावुक होकर हरीश पटेल, उनके साथियों और जिला प्रशासन का दिल से शुक्रिया अदा किया।

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