Tamil Nadu Election: तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले AIADMK से निष्कासित नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) ने गुरुवार को पार्टी में वापसी की इच्छा जताई है। पूर्व सीएम के बयान से प्रदेश की एक बार फिर हलचल तेज हो गई। बता दें कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने नई राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावनाओं को खारिज किया था।
गुटों से एकजुट होने की अपील
थेनई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए OPS ने AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) को “बड़ा भाई” बताते हुए पार्टी के सभी गुटों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैंने अभी तक अपने गठबंधन को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। AIADMK में अपने अधिकारों के लिए हमारी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
ओपीएस ने आगे कहा कि मैं पार्टी में एकजुट होने के लिए तैयार हूं। टीटीवी दिनाकरन मुझे स्वीकार करने को तैयार हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या EPS तैयार हैं?
EPS ने प्रस्ताव खारिज किया
हालांकि, EPS ने OPS की वापसी के प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “OPS को AIADMK में शामिल करने का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी में उनके लिए कोई जगह नहीं है।”
इससे पहले भी EPS ने इसी महीने OPS की वापसी को नकारते हुए कहा था कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह पार्टी के आंतरिक मामलों में कोई दखल नहीं देंगे। गौरतलब है कि तमिलनाडु में AIADMK और भाजपा गठबंधन में हैं।
जया की मौत के बाद शुरू हुआ सत्ता संघर्ष
बता दें कि 2016 में पार्टी प्रमुख जे. जयललिता की मृत्यु के बाद AIADMK में सत्ता संघर्ष शुरू हुआ। OPS, जो जया के करीबी माने जाते थे, ने 2017 में विद्रोह करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जबरन मुख्यमंत्री पद से हटाया गया और वी.के. शशिकला गुट ने उन्हें किनारे कर दिया। इसके बाद EPS पार्टी के बहुमत समर्थन से मुख्यमंत्री बने।
पार्टी से निष्कासन और कानूनी झटके
जुलाई 2022 में OPS को “पार्टी विरोधी गतिविधियों” के आरोप में AIADMK से निष्कासित किया गया था। इसके बाद नवंबर 2023 में मद्रास हाईकोर्ट ने OPS को पार्टी का समन्वयक या प्राथमिक सदस्य बताने से रोका।


