लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को बूंदी के तालेड़ा में 109 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि तालेड़ा भविष्य में देश के सबसे बड़े एग्रो-इंडस्ट्री हब के रूप में उभरेगा। बिरला ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में ‘डबल इंजन’ की सरकार होने का लाभ कोटा-बूंदी के विकास को मिल रहा है। उन्होंने कोटा में शिक्षा हब के विकास से मिले रोजगार का उदाहरण देते हुए कहा कि तालेड़ा में उद्योगों के विस्तार से हर वर्ग में खुशहाली आएगी। सब्जियों और दूध का बड़ा प्रोसेसिंग प्लांट लगेगा
उन्होंने बताया कि तालेड़ा में वर्तमान में देश के किसी भी एक इलाके की तुलना में अधिक एग्रो इंडस्ट्रीज हैं। तेजी से विकसित हो रही हाउसिंग कॉलोनियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा होंगे।
बिरला ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब मदर डेयरी (सफल) इस क्षेत्र के किसानों से 100 प्रतिशत मटर और भिंडी जैसी सब्जियां खरीदेगी, जिसकी खरीद शुरू हो चुकी है। जल्द ही मदर डेयरी द्वारा इस इलाके में सब्जियों और दूध का एक बड़ा प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाया जाएगा। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन से भी अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण चावल निर्यात में आ रही परेशानी का जिक्र करते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि यह संकट भी जल्द टल जाएगा। नहरों के जीर्णोद्धार के लिए 32 करोड़ के टेंडर
बिरला ने गरड़दा बांध की नहरों के जीर्णोद्धार के लिए 32 करोड़ रुपए के टेंडर होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगले 25-30 दिनों में काम शुरू हो जाएगा और एक साल में नहरें बनने के बाद किसानों को भरपूर पानी मिलेगा। गरड़दा बांध से 109 गांवों को पीने का पानी उपलब्ध कराने का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
इसके अलावा करवर और इंद्रगढ़ सहित बूंदी के बचे हुए इलाकों को ईआरसीपी (ERCP) योजना के तहत सिंचित किया जाएगा और नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाएगा। नौनेरा बांध के पानी के टेंडर और वर्कऑर्डर जारी
बिरला ने कहा कि अब महिलाओं को हैंडपंप का पानी नहीं पीना पड़ेगा। नौनेरा बांध का शुद्ध पानी ‘हर घर नल’ योजना के तहत लोगों तक पहुंचाने के टेंडर और वर्कऑर्डर जारी हो चुके हैं। किसानों को दिन में थ्री-फेज बिजली मिलना शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का कोई भी मजरा या गांव अब सड़क संपर्क से अछूता नहीं रहेगा। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब बड़ी ग्राम पंचायतों में उप-स्वास्थ्य केंद्र, दो पंचायतों के बीच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और चार पंचायतों पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बनाए जा रहे हैं। ‘चलता-फिरता अस्पताल’ हर गांव पहुंचकर 27 तरह की निशुल्क जांच और दवाइयां दे रहा है। गंभीर मरीजों का इलाज बड़े शहरों में सुनिश्चित करवाया जा रहा है। साथ ही, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ‘सुपोषित मां अभियान’ के तहत गर्भवती महिलाओं को 10 महीने तक पोषण किट दी जा रही है।


