सिपाहियों की वरिष्ठता पर दो माह में निर्णय लें:एडीजीपी कार्मिक को आदेश, 2015 बैच के सिपाहियों का मामला

सिपाहियों की वरिष्ठता पर दो माह में निर्णय लें:एडीजीपी कार्मिक को आदेश, 2015 बैच के सिपाहियों का मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2015 बैच के 172 सिपाहियों के वरिष्ठता विवाद पर ए डी जी पी कार्मिक लखनऊ को दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने विवेक कुमार त्रिपाठी व 71 अन्य की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि उनकी वरिष्ठता निर्धारण में 26 दिन की कटौती की गई है जो सेवा नियमावली के विपरीत है। याची सिपाहियों ने 02 दिसंबर 2015 को जेटीसी के लिए पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराई थी। हालांकि, विभाग के रिकॉर्ड में उनकी जॉइनिंग तिथि 28 दिसंबर 2015 दर्ज कर दी गई। महज 26 दिन के इस अंतर के कारण ये सिपाही अपने ही बैच के अन्य कर्मियों से जूनियर हो गए थे, जिससे भविष्य में उनके प्रमोशन पर संकट खड़ा हो गया था। सिपाहियों की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि आमद के समय मेस के अग्रिम शुल्क के रूप में 3,000 रुपये जमा किए गए थे। कोर्ट ने कहा कि जब जवान पुलिस लाइन में मौजूद थे और मेस की रसीद कट रही थी, तो रिकॉर्ड में देरी से जॉइनिंग दिखाना गलत है। यह भी सामने आया कि गोरखपुर के एसपी (साउथ) ने अप्रैल 2023 में ही अपनी जांच रिपोर्ट में विभाग की गलती स्वीकार कर ली थी। इसके बावजूद पुलिस मुख्यालय ने रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *