आगरा में 36वें ताज महोत्सव का शुक्रवार देर शाम रंगारंग कार्यक्रमों के बीच औपचारिक समापन हो गया। समापन समारोह में प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने ‘आगरा किला ध्वनि एवं प्रकाश’ कार्यक्रम और ‘रंग-ए-आगरा’ पुस्तक का विमोचन किया। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिल्पियों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। वहीं सचिन-जिगर के गानों को लोग एंजाॉय कर रहे थे। महोत्सव में सबसे अधिक 12 लाख रुपये की आय अर्जित करने पर पद्मश्री अवॉर्डी लाजवंती को सम्मान मिला, वहीं लाल चंदन की लकड़ी पर नक्काशी करने वाले दक्षिण भारत के कलाकार बालकृष्णन को भी मुक्ताकाशी मंच से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अन्य कलाकारों और सहयोगी संस्थाओं को भी उनकी सेवाओं के लिए पुरस्कार दिए गए। पर्यटन मंत्री ने लोगों के उत्साह को देखते हुए शिल्प मेले की अवधि दो दिन बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस बार ताज महोत्सव ने सफलता के नए कीर्तिमान बनाए हैं। आगरा और ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए करीब 800 करोड़ रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें शिवाजी म्यूजियम, कोठी मीना बाजार और बटेश्वर-शौरीपुर जैसे धार्मिक स्थलों का विकास शामिल है। मंत्री ने बताया कि पर्यटन विभाग जल्द ही तीन से पांच दिन के विशेष टूरिज्म पैकेज शुरू करेगा, जिससे होटल व्यवसाय और स्थानीय दुकानदारों को लाभ मिलेगा। एक पर्यटक से लगभग छह लोगों को रोजगार मिलता है, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। सुरों की शाम में झूमे लोग महोत्सव के आखिरी दिन बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार जोड़ी सचिन-जिगर ने ‘सुरों की शाम’ में अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही उन्होंने अपना लोकप्रिय गीत ‘मेहरबानी’, ‘तुम से ही’ गाया, पूरा पंडाल एक साथ गुनगुनाने लगा। उनकी प्रस्तुति ने समापन समारोह को यादगार बना दिया और दर्शकों ने देर रात तक संगीत का आनंद लिया।


