रामनवमी शोभायात्रा के झांकी प्रमुखों को मिला सम्मान:भोजपुर में 47 टीम सम्मानित, देवराहा शिवनाथ दास महाराज ने भक्ति-विश्वास की शक्ति पर दिया जोर

रामनवमी शोभायात्रा के झांकी प्रमुखों को मिला सम्मान:भोजपुर में 47 टीम सम्मानित, देवराहा शिवनाथ दास महाराज ने भक्ति-विश्वास की शक्ति पर दिया जोर

रामनवमी महोत्सव के अवसर पर शहर में निकली भव्य शोभायात्रा में शामिल झांकी प्रमुखों के सम्मान में रविवार को होटल ग्रांड, आरा में पुरस्कार सह सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व श्रीरामनवमी महोत्सव शोभायात्रा के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमपूज्य त्रिकालदर्शी परमसिद्ध विदेह संतश्री देवराहा शिवनाथ दास महाराज ने किया। आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद पूरे सभागार में “जय श्रीराम” के जयघोष गूंज उठे। असंभव भी संभव हो जाता इस अवसर पर संतश्री देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज ने उपस्थित रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति भगवान श्रीराम को अपने हृदय में रखकर, पूर्ण विश्वास और भक्ति के साथ कोई कार्य करता है तो उसके लिए असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीव को सदैव भगवान राम के चरणों में समर्पित रहना चाहिए। जब मनुष्य सच्चे मन से श्रीराम की शरण ग्रहण करता है, तब भगवान स्वयं उसका उद्धार करते हैं। उन्होंने रामचरितमानस का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें स्पष्ट लिखा है “गरल सुधा रिपु करहिं मिताई, गोपद सिंधु अनल सितलाई।” अर्थात, राम नाम की महिमा ऐसी है कि विष भी अमृत बन जाता है, शत्रु मित्र बन जाते हैं, विशाल समुद्र भी छोटा प्रतीत होता है और अग्नि भी शीतल हो जाती है। यह विश्वास और भक्ति की शक्ति का प्रतीक है, जो जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी सरल बना देती है। देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज ने कहा कि भगवान राम के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने कहा कि “राम हैं तो सबकुछ है, हम सभी राम के भक्त हैं और हर जगह राम ही दिखाई देते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पहले का संसार भी राम के बिना अधूरा था और आज पूरा वातावरण राममय हो चुका है। उनके अनुसार, भगवान राम की कृपा से ही देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने अयोध्या का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब वहां रामलला का भव्य स्वरूप नहीं था, लेकिन आज भगवान राम विराजमान हैं और यह पूरे देश के लिए गर्व और आस्था का विषय है। कार्यक्रम के दौरान शोभायात्रा में भाग लेने वाले कुल 47 झांकी प्रमुखों को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सभी झांकी दलों के योगदान की सराहना करते हुए संतश्री ने उन्हें सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए बधाई दी। इस मौके पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष गुड्डू सिंह बबुआन, महासचिव शंभू प्रसाद चौरसिया, कोषाध्यक्ष गोकुल सिंह, सह-कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, सुरक्षा प्रमुख राजेश्वर पासवान, स्टार प्रचारक सरोज कुमार पाण्डेय, ग्रामीण अध्यक्ष सन्नी पांडे, उपाध्यक्ष नवीन प्रकाश, शैलेन्द्र कुमार सुमन, राजेन्द्र सिंह, सजावट प्रमुख बादल जालान, मोहन विश्वकर्मा, रोहित सिंह बजरंगी सहित ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। रामनवमी महोत्सव के अवसर पर शहर में निकली भव्य शोभायात्रा में शामिल झांकी प्रमुखों के सम्मान में रविवार को होटल ग्रांड, आरा में पुरस्कार सह सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व श्रीरामनवमी महोत्सव शोभायात्रा के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमपूज्य त्रिकालदर्शी परमसिद्ध विदेह संतश्री देवराहा शिवनाथ दास महाराज ने किया। आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद पूरे सभागार में “जय श्रीराम” के जयघोष गूंज उठे। असंभव भी संभव हो जाता इस अवसर पर संतश्री देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज ने उपस्थित रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति भगवान श्रीराम को अपने हृदय में रखकर, पूर्ण विश्वास और भक्ति के साथ कोई कार्य करता है तो उसके लिए असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीव को सदैव भगवान राम के चरणों में समर्पित रहना चाहिए। जब मनुष्य सच्चे मन से श्रीराम की शरण ग्रहण करता है, तब भगवान स्वयं उसका उद्धार करते हैं। उन्होंने रामचरितमानस का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें स्पष्ट लिखा है “गरल सुधा रिपु करहिं मिताई, गोपद सिंधु अनल सितलाई।” अर्थात, राम नाम की महिमा ऐसी है कि विष भी अमृत बन जाता है, शत्रु मित्र बन जाते हैं, विशाल समुद्र भी छोटा प्रतीत होता है और अग्नि भी शीतल हो जाती है। यह विश्वास और भक्ति की शक्ति का प्रतीक है, जो जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी सरल बना देती है। देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज ने कहा कि भगवान राम के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने कहा कि “राम हैं तो सबकुछ है, हम सभी राम के भक्त हैं और हर जगह राम ही दिखाई देते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पहले का संसार भी राम के बिना अधूरा था और आज पूरा वातावरण राममय हो चुका है। उनके अनुसार, भगवान राम की कृपा से ही देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने अयोध्या का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब वहां रामलला का भव्य स्वरूप नहीं था, लेकिन आज भगवान राम विराजमान हैं और यह पूरे देश के लिए गर्व और आस्था का विषय है। कार्यक्रम के दौरान शोभायात्रा में भाग लेने वाले कुल 47 झांकी प्रमुखों को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सभी झांकी दलों के योगदान की सराहना करते हुए संतश्री ने उन्हें सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए बधाई दी। इस मौके पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष गुड्डू सिंह बबुआन, महासचिव शंभू प्रसाद चौरसिया, कोषाध्यक्ष गोकुल सिंह, सह-कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, सुरक्षा प्रमुख राजेश्वर पासवान, स्टार प्रचारक सरोज कुमार पाण्डेय, ग्रामीण अध्यक्ष सन्नी पांडे, उपाध्यक्ष नवीन प्रकाश, शैलेन्द्र कुमार सुमन, राजेन्द्र सिंह, सजावट प्रमुख बादल जालान, मोहन विश्वकर्मा, रोहित सिंह बजरंगी सहित ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।  

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