दरभंगा कलेक्ट्रेट के भीमराव अंबेडकर सभागार में एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन की ओर से बाढ़-जल बचाव (Flood Water Rescue) को लेकर टेबल टॉप अभ्यास का आयोजन किया गया। नेतृत्व एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अश्विनी कुमार ने किया। जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता इस दौरान में वर्ष 2024 में बिहार में आई बाढ़ के दौरान एनडीआरएफ की भूमिका, त्वरित बचाव कार्य, राहत कार्य और अलग-अलग विभागों के साथ समन्वय की जानकारी साझा की। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर ज्योति कुमार झा ने कहा कि आपदा प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों को अधिक से अधिक सहायता पहुंचाना और जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। कुशेश्वरस्थान पूर्वी अंचल के शिवगंगा पोखर के पास आयोजित होने वाले फील्ड अभ्यास को लेकर सभी संबंधित विभागों को विस्तृत रूप से ब्रीफ किया गया। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों ने बाढ़-पूर्व की तैयारियों और बाढ़ के दौरान किए जाने वाले राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। जिले में सबसे अच्छी तैयारी बैठक में दरभंगा जिले में बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए किए जा रहे नवाचारों पर भी प्रकाश डाला गया। इनमें आपदा से संबंधित पुस्तिका का प्रकाशन, विभिन्न कोषांगों का गठन, टीम निर्माण और क्षति आकलन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी शामिल रही। डिप्टी कमांडेंट अश्विनी कुमार ने जिला प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक पांच राज्यों और बिहार के सभी जिलों का भ्रमण किया है, लेकिन बाढ़ आपदा से निपटने की दृष्टि से दरभंगा जिले की तैयारियां सर्वश्रेष्ठ पाई गई हैं। यह टेबल टॉप अभ्यास आपसी समन्वय को मजबूत करने और आगामी बाढ़ की संभावित चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। बैठक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, अपर जिला दंडाधिकारी मनोज कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, आपदा प्रबंधन शाखा की प्रभारी पदाधिकारी वृषभानु कुमारी चंद्रा, वरीय उप समाहर्ता प्रियंका कुमारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। दरभंगा कलेक्ट्रेट के भीमराव अंबेडकर सभागार में एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन की ओर से बाढ़-जल बचाव (Flood Water Rescue) को लेकर टेबल टॉप अभ्यास का आयोजन किया गया। नेतृत्व एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अश्विनी कुमार ने किया। जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता इस दौरान में वर्ष 2024 में बिहार में आई बाढ़ के दौरान एनडीआरएफ की भूमिका, त्वरित बचाव कार्य, राहत कार्य और अलग-अलग विभागों के साथ समन्वय की जानकारी साझा की। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर ज्योति कुमार झा ने कहा कि आपदा प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों को अधिक से अधिक सहायता पहुंचाना और जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। कुशेश्वरस्थान पूर्वी अंचल के शिवगंगा पोखर के पास आयोजित होने वाले फील्ड अभ्यास को लेकर सभी संबंधित विभागों को विस्तृत रूप से ब्रीफ किया गया। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों ने बाढ़-पूर्व की तैयारियों और बाढ़ के दौरान किए जाने वाले राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। जिले में सबसे अच्छी तैयारी बैठक में दरभंगा जिले में बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए किए जा रहे नवाचारों पर भी प्रकाश डाला गया। इनमें आपदा से संबंधित पुस्तिका का प्रकाशन, विभिन्न कोषांगों का गठन, टीम निर्माण और क्षति आकलन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी शामिल रही। डिप्टी कमांडेंट अश्विनी कुमार ने जिला प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक पांच राज्यों और बिहार के सभी जिलों का भ्रमण किया है, लेकिन बाढ़ आपदा से निपटने की दृष्टि से दरभंगा जिले की तैयारियां सर्वश्रेष्ठ पाई गई हैं। यह टेबल टॉप अभ्यास आपसी समन्वय को मजबूत करने और आगामी बाढ़ की संभावित चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। बैठक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, अपर जिला दंडाधिकारी मनोज कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, आपदा प्रबंधन शाखा की प्रभारी पदाधिकारी वृषभानु कुमारी चंद्रा, वरीय उप समाहर्ता प्रियंका कुमारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।


