T20 World Cup 2026: दक्षिण अफ्रीका से न हारते तो शायद भारत फ़ाइनल में नहीं होता! कैसे टीम मैनेजमेंट के एक फैसले ने बदल की टीम इंडिया की किस्मत

T20 World Cup 2026: दक्षिण अफ्रीका से न हारते तो शायद भारत फ़ाइनल में नहीं होता! कैसे टीम मैनेजमेंट के एक फैसले ने बदल की टीम इंडिया की किस्मत

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली शर्मनाक हार ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को टॉप ऑर्डर बदलने पर मजबूर कर दिया। संजू सैमसन के आते ही विरोधियों की ऑफ-स्पिन रणनीति बेअसर हो गई। 

Sanju Samson, T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 को जब भी याद किया जाएगा, भारतीय विकेट कीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का नाम सब के जहन में आयेगा। जब टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम का चयन हुआ तो उन्हें टीम में फ़र्स्ट चॉइस विकेट कीपर और सलामी बल्लेबाज के रूप में जगह दी गई। लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज में वे पूरी तरह से फ्लॉप रहे, जिसके बाद इन्हें इस टूर्नामेंट से ठीक पहले उन्हें खराब फॉर्म की वजह से ड्रॉप कर दिया गया।

सलामी जोड़ी लगातार फ्लॉप

ऐसा लग रहा था कि अब संजू का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया है। अब वे यहां से कभी वापसी नहीं कर पाएंगे। लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। संजू के बाहर होते ही टीम कॉम्बिनेशन बिगड़ गया। भारत के टॉप ऑर्डर में बहुत सारे लेफ्ट हैंड बल्लेबाज होने की वजह से विरोधी टीम इसका फायदा उठाने लगी। टीमें पहले ही ओवर में ऑफ स्पिनर से गेंदबाजी कराने लगी, क्योंकि लेफ्ट-हैंडर्स के खिलाफ ऑफ-स्पिनर्स अक्सर प्रभावी होते हैं। नतीजा यह हुआ कि इस टूर्नामेंट में पहले विकेट के लिए भारत का एवरेज महज 6.8 रन हो गया, जो टूर्नामेंट में शामिल 20 टीमों में सबसे कम था।

संजू के बिना भारत की ओपनिंग साझेदारियां इस वर्ल्ड कप में:

8 (8) vs USA
1 (6) vs पाकिस्तान
0 (3) vs नीदरलैंड्स
0 (4) vs दक्षिण अफ्रीका

सूर्यकुमार यादव ने उड़ाया था संजू का मज़ाक

संजू के बिना सलामी जोड़ी एक बार भी दहाई का आंकड़ा भी पारी नहीं कर पाई। इस खराब प्रदर्शन के बावजूद जब कप्तान सूर्यकुमार यादव से संजू की वापसी पर सवाल पूछे गए थे, तो उन्होंने हंसते हुए मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि उन्हें किसकी जगह खिलाया जाए- अभिषेक शर्मा की या तिलक वर्मा की? दरअसल, उस समय दोनों ही बल्लेबाज (अभिषेक और तिलक) खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और लगातार निराश कर रहे थे, फिर भी कप्तान का ऐसा व्यंग्यात्मक और हल्का-फुल्का बयान किसी भी खिलाड़ी (खासकर रिजर्व में बैठे संजू) के लिए हौसला तोड़ने वाला और निराशाजनक था।

संजू सैमसन के आते ही बल्लेबाजी पटरी पर आई

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली शर्मनाक हार ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को टॉप ऑर्डर बदलने पर मजबूर कर दिया। संजू सैमसन के आते ही विरोधियों की ऑफ-स्पिन रणनीति बेअसर हो गई। संजू स्पिन अच्छे से खेलते हैं, ऐसे में अगर किसी टीम ने पावरप्ले में स्पिनर लगाने की कोशिश भी की तो संजू ने उस गेंदबाज की बखिया उधेड़ दी।

संजू के साथ भारत की ओपनिंग साझेदारियां

25 (12) vs नामीबिया
48 (22) vs जिम्बाब्वे
29(18) vs वेस्ट इंडीज
20(12) vs इंग्लैंड

जिम्बाब्वे के खिलाफ सैमसन ने ताबड़तोड़ शुरुआत दी, लेकिन वे इसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाये। संजू इस मैच में 15 गेंद पर 24 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन तेज शुरुआत का भारत को फायदा हुआ टीम ने पहले विकेट के लिए 48 रनों की साझेदारी की और 256 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके बाद सैमसन का बल्ला नहीं थमा और भारत को इंग्लैंड और वेस्टइंडीज दोनों के खिलाफ नॉकआउट मुकाबलों में जीत दिलाई।

संजू सैमसन ने जड़े लगातार दो अर्धशतक

सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ संजू सैमसन ने 42 गेंद पर 89 रन की पारी खेलकर मजबूत स्कोर की नींव रखी। उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 45 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की। वहीं कोलकाता में भारत-वेस्टइंडीज के करो या मरो मैच में नाबाद 97 रन की पारी खेली। वह 196 रन का लक्ष्य चेज कर रही भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे और टीम को जीत दिलाकर लौटे। सैमसन ने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए।

सैमसन ने अबतक 4 मैचों में 77.33 की शानदार औसत से 232 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 22 चौके और 16 छक्के जड़े हैं। उन्हें आईसीसी ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के लिए नॉमिनेट किया है। अगर संजू यह अवार्ड जीत जाते हैं तो वे पूर्व कप्तान विराट कोहली के बाद ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी होंगे।

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