शहर के वार्ड नंबर एक स्थित जयप्रकाश नगर के स्वामी विवेकानंद सेकेंडरी स्कूल में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती और विद्यालय का 33वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। इस अवसर पर ‘विवेकानंद के सपनों का भारत’ विषय पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला संघ चालक गोविंद शर्मा, जिला सेवा प्रमुख अवधेश कुमार, विद्यालय के निदेशक रमेश कुमार मिश्रा और मुख्य प्रशासक बालाजी मिश्रा ने दीप प्रज्वलन कर किया। ये सभी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भी थे। दुनिया को सौहार्द का पाठ पढ़ाया
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता गोविंद शर्मा ने स्वामी विवेकानंद को राष्ट्र पुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया को विश्व बंधुत्व और सौहार्द्र का पाठ पढ़ाया। शर्मा ने बच्चों से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज व राष्ट्र के पुनर्निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। भारतीय संस्कृति एवं दर्शन का प्रचार-प्रसार
विद्यालय के निदेशक रमेश कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति एवं दर्शन का प्रचार-प्रसार किया। जिला सेवा प्रमुख अवधेश कुमार ने स्वामी विवेकानंद को भारतीय संस्कृति का ध्वजवाहक बताया। पूरा विश्व नास्तिकता के भंवर जाल में फंसा
विद्यालय के मुख्य प्रशासक बालाजी मिश्रा ने कहा कि जब पूरा विश्व नास्तिकता के भंवर जाल में फंसा था, तब स्वामी विवेकानंद ने भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हिंदुत्व और सनातन संस्कृति को पुनर्स्थापित किया। संगोष्ठी में विद्यालय के छात्र अजय कुमार, राजवीर कुमार और सपना कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के सफल संचालन में वरिष्ठ शिक्षक फूल कुमार झा, नागेंद्र पांडे, अमरेंद्र कुमार पांडे, रेखा मिश्रा, कन्हैया लाल, रीना कुमारी, रवीना कुमारी, सीमा चौधरी, आशा झा, मोहम्मद जफर, तरुण कुमार और विनीत कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहर के वार्ड नंबर एक स्थित जयप्रकाश नगर के स्वामी विवेकानंद सेकेंडरी स्कूल में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती और विद्यालय का 33वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। इस अवसर पर ‘विवेकानंद के सपनों का भारत’ विषय पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला संघ चालक गोविंद शर्मा, जिला सेवा प्रमुख अवधेश कुमार, विद्यालय के निदेशक रमेश कुमार मिश्रा और मुख्य प्रशासक बालाजी मिश्रा ने दीप प्रज्वलन कर किया। ये सभी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भी थे। दुनिया को सौहार्द का पाठ पढ़ाया
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता गोविंद शर्मा ने स्वामी विवेकानंद को राष्ट्र पुरुष बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया को विश्व बंधुत्व और सौहार्द्र का पाठ पढ़ाया। शर्मा ने बच्चों से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज व राष्ट्र के पुनर्निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। भारतीय संस्कृति एवं दर्शन का प्रचार-प्रसार
विद्यालय के निदेशक रमेश कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति एवं दर्शन का प्रचार-प्रसार किया। जिला सेवा प्रमुख अवधेश कुमार ने स्वामी विवेकानंद को भारतीय संस्कृति का ध्वजवाहक बताया। पूरा विश्व नास्तिकता के भंवर जाल में फंसा
विद्यालय के मुख्य प्रशासक बालाजी मिश्रा ने कहा कि जब पूरा विश्व नास्तिकता के भंवर जाल में फंसा था, तब स्वामी विवेकानंद ने भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हिंदुत्व और सनातन संस्कृति को पुनर्स्थापित किया। संगोष्ठी में विद्यालय के छात्र अजय कुमार, राजवीर कुमार और सपना कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के सफल संचालन में वरिष्ठ शिक्षक फूल कुमार झा, नागेंद्र पांडे, अमरेंद्र कुमार पांडे, रेखा मिश्रा, कन्हैया लाल, रीना कुमारी, रवीना कुमारी, सीमा चौधरी, आशा झा, मोहम्मद जफर, तरुण कुमार और विनीत कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


