विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के डीजीएम (प्रोजेक्ट) पंकज कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति मामले में गुरुवार को उनके पटना स्थित कार्यालय और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान लगभग 96 लाख से अधिक कैश, जमीन से संबंधित दस्तावेज और कुछ आर्नामेंट्स बरामद किया गया है। फिलहाल, SVU टीम की जांच प्रक्रिया जारी है। 96 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति बनाने के आरोप SVU ने पंकज कुमार के खिलाफ कांड संख्या-10/2026 दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, पंकज कुमार ने अपनी लगभग 11 वर्षों की सेवा अवधि के दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए अवैध रूप से भारी संपत्ति अर्जित की। निगरानी इकाई का आरोप है कि एक लोक सेवक होने के बावजूद उन्होंने भ्रष्टाचार से लगभग 96 लाख 46 हजार 666 रुपए की ऐसी संपत्ति बनाई, जो उनके ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से कहीं अधिक है। SVU टीम की जांच जारी इस मामले में विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा तलाशी वारंट जारी किया गया था। इसी के आधार पर गुरुवार को छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई। निगरानी टीम अभी दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य अहम साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि, तलाशी पूरी होने के बाद बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के डीजीएम (प्रोजेक्ट) पंकज कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति मामले में गुरुवार को उनके पटना स्थित कार्यालय और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान लगभग 96 लाख से अधिक कैश, जमीन से संबंधित दस्तावेज और कुछ आर्नामेंट्स बरामद किया गया है। फिलहाल, SVU टीम की जांच प्रक्रिया जारी है। 96 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति बनाने के आरोप SVU ने पंकज कुमार के खिलाफ कांड संख्या-10/2026 दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, पंकज कुमार ने अपनी लगभग 11 वर्षों की सेवा अवधि के दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए अवैध रूप से भारी संपत्ति अर्जित की। निगरानी इकाई का आरोप है कि एक लोक सेवक होने के बावजूद उन्होंने भ्रष्टाचार से लगभग 96 लाख 46 हजार 666 रुपए की ऐसी संपत्ति बनाई, जो उनके ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से कहीं अधिक है। SVU टीम की जांच जारी इस मामले में विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा तलाशी वारंट जारी किया गया था। इसी के आधार पर गुरुवार को छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई। निगरानी टीम अभी दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य अहम साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि, तलाशी पूरी होने के बाद बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


