HBTU स्टूडेंट की संदिग्ध मौत, कमरे में मिला शव:नाक से निकल रहा था खून, कुछ दिन पहले ही हुआ था कैंपस प्लेसमेंट

HBTU स्टूडेंट की संदिग्ध मौत, कमरे में मिला शव:नाक से निकल रहा था खून, कुछ दिन पहले ही हुआ था कैंपस प्लेसमेंट

हरकोर्ट बटलर टे​क्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) के फाइनल ईयर के स्टूडेंट अ​भिषेक कुमार सिंह (23) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव मंगलवार की सुबह आजाद नगर ​स्थित किराए के मकान में पड़ा मिला है। दरवाजा अंदर से बंद था, जिसकी कुंडी सा​थियों ने तोड़कर खोली। मौके पर पहुंची नवाबगंज पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच की, जांच में छात्र के नाक से खून निकलता पाया गया। अब जानिए पूरा घटनाक्रम घाटमपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार सिंह प्रयागराज पुलिस के मोटर विभाग में हेड कांस्टेबल हैं। उनका बड़ा बेटा अ​भिषेक कुमार सिंह HBTU के पेंट टेक्नोलॉजी विभाग में फाइनल ईयर का छात्र था। उसका कुछ दिन पहले ही हीरो मोटर्स में सात से आठ लाख के पैकेज पर कैंपस प्लेसमेंट हुआ था। नवाबगंज थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी के मुताबिक अ​भिषेक आजाद नगर में किराए के मकान में रह रहा था। वहां अन्य छात्र भी रह रहे हैं। मंगलवार की सुबह लगभग 11:30 बजे तक उसका दरवाजा नहीं खुला। दोस्तों ने अ​भिषेक को कई आवाज दी। दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। कॉल करने पर मोबाइल की रिंगटोन सुनाई दी। दरवाजा अंदर से बंद था। छात्रों ने मकान मालिक को जानकारी देकर दरवाजे में धक्का दिया, जिससे दरवाजा खुल गया। छात्र अंदर पहुंचे तो सन्न रह गए, अंदर अ​भिषेक का शव बेड पर पड़ा हुआ था। देर रात परिजनों ने कराया पोस्टमार्टम उसके नाक से खून निकल रहा था। छात्रों ने आनन–फानन में नवाबगंज पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को जानकारी देकर फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने साक्ष्य संकलित किए। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि देर शाम परिजनों के आने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। देर रात ही डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। नवाबगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्र का कुछ दिन पहले ही हीरो मोटर्स में कैंपस प्लेसमेंट हुआ था। इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने बताया कि छात्र की मां ने सोमवार की शाम करीब साढ़े छह बजे कॉल की थी, लेकिन उसका फोन नहीं उठा। अन्य छात्रों ने बताया कि सोमवार की शाम करीब चार बजे भी अ​भिषेक के कुछ दोस्त उससे मिलने के लिए आए ​थे। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया था, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। सभी बिना मिले ही लौट गए। उनको लगा कि शायद अ​भिषेक अंदर सो रहा है।

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