मैं अपने आवास पर विश्राम कर रहा था। अचानक कोई तेज आवाज में दरवाजा पीटने लगा। मुझे लगा घर में कोई दिक्कत हुई है। जैसे ही दरवाजा खुला 8-10 लोग अंदर घुस गए। उन्होंने जबरन उन्हें गाड़ी में डाल लिया और नौचंदी थाने लेकर आ गए। यहां पूरी रात और अगले दिन शाम 5 बजे तक प्रताड़ित किया गया। यह कहना है 2008 में UPSC क्रैक करने वाले मेरठ फूलबाग कालोनी निवासी राहुल कौशिक का जो खुद के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने रात भर थाने में रखने के बाद अगले दिन शाम 5 बजे तक प्रताड़ित किया गया। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान राहुल ने बताया कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। पुलिस ने अनधिकृत तरीके से एक आईएएस अफसर को थाने में रखा और प्रताड़ित किया है। पहले दो तस्वीरें देखें… मदद के लिए मिलाया था अफसर को फोन
राहुल कौशिक ने बताया कि उनसे किसी व्यक्ति द्वारा मदद मांगी गई थी। उस व्यक्ति की मदद करने के लिए ही उन्होंने पुलिस के एक बड़े अधिकारी को फोन मिलाया। इसके कुछ देर बाद ही 10 से 12 लोग घर में घुस आए। उन लोगों ने बताया कि वह पुलिस डिपार्टमेंट से ही है। हालांकि राहुल यह नहीं बता सके कि उन्होंने किस अफसर को फोन किया था। रात भर रखा गया नौचंदी थाने में
रात भर राहुल कौशिक को थाने में रखा गया। अगले दिन पुलिस ने उनको लेकर एक प्रेस वार्ता की और उनके फर्जी आईएएस अफसर होने का दावा किया। एक मुकदमा भी चुपके से राहुल के खिलाफ दर्ज कर दिया गया। जिसकी राहुल को भनक तक नहीं लगी। लेकिन जैसे ही पुलिस को पता चला डिपार्टमेंट में खलबली मच गई। 24 घंटे होने से पहले ही उन्हें 151 की कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस जांच को लेकर उठे सवाल
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर प्रेस वार्ता की थी। उन्होंने बताया था कि सीओ सिविल लाइन्स अभिषेक तिवारी ने मामले में जांच की थी। राहुल का कहना है कि चंद घंटे में पुलिस ने उनके बारे में पता लगा लिया। जबकि हकीकत यह है कि कांस्टेबल से लेकर CO तक कोई भी इस मामले में पूछताछ करने नहीं आया। राहुल बोल – सीएम से मिलकर रखेंगे बात
पुलिस की प्रताड़ना के बाद राहुल कौशिक का परिवार दहशत में है। वह बताते हैं कि लगभग 24 घंटे पुलिस ने उन्हें हिरासत में रखा और फिर छोड़ दिया। अब 24 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। अभी भी पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया है। वह इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का प्रयास करेंगे। उनको न केवल इस घटना बल्कि कुछ अन्य घटनाओं के बारे में भी बताया जाएगा। बोर्ड पर लिखे IAS की हकीकत को बताया
पुलिस ने राहुल कौशिक को फर्जी आईएएस अफसर बताया था। यह भी आरोप लगाए कि राहुल समय-समय पर अफसरों को फोन कर रोब गालिब करता था। राहुल कौशिक ने पुलिस के आरोपों को नकार दिया और बताया कि उनसे जुड़ी हर जानकारी सच है। उनके बोर्ड को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। जबकि हकीकत यही है कि उस पर लिखा हर शब्द शत प्रतिशत सही है। बर्खास्तगी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर
राहुल कौशिक ने बताया कि उन जैसे अफसर के मामले दिल्ली CAT में सुने जाते हैं। उनका मामला भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। जल्द ही वह अपनी पोस्टिंग पा लेंगे। इस प्रक्रिया के लिए 90 दिन का समय निर्धारित होता है। CAT उनकी रिपोर्ट यूपी सरकार को भेजेगा। वहां से संबंधित अफसर को भेजी जाएगी जो उनके आगे का रास्ता खोलेंगे। CAT की जांच में निर्दोष, जल्द मिलेगी पोस्टिंग राहुल का दावा है कि वह जल्द नौकरी में लौटेंगे। उन्होंने बताया कि उन जैसे अफसरों से जुड़े मामले सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल में चलते हैं। जल्द उनके पक्ष में डिसीजन आने वाला है। इसके बाद वह अपनी वास्तविक पोस्ट से पहचाने जाएंगे। CAT के चेयरमैन पूरी प्रक्रिया की जांच कराकर डिसीजन सुनते हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द डिसीजन उनके पक्ष में आएगा। पूरे मोहल्ले में बाटे गए थे लड्डू राहुल के पक्ष में पड़ौसी भी दिखे। पड़ौसी जेपी वर्मा ने बताया कि वर्ष 2008 में जब राहुल कौशिक ने UPSC क्रेक किया तो पूरे मोहल्ले में लड्डू बाटे गए थे। दूर दूर तक इस परिवार का नाम हो गया था। ऐसे में इस तरह का व्यवहार पुलिस द्वारा किया जाना गलत है।


