राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने गुरुवार को अलग-अलग प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए प्रदेश की न्यायिक नियुक्तियों में अहम फेरबदल किए हैं। हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा द्वारा जारी इन आदेशों में एक सिविल जज का निलंबन रद्द कर उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक जिला न्यायाधीश स्तर के अधिकारी का तबादला किया गया है। एक वरिष्ठ सिविल जज को एपीओ किया और सात न्यायिक अधिकारियों को रिक्त अदालतों का अतिरिक्त प्रभार सौंपना शामिल हैं। वंदना शर्मा का निलंबन रद्द, बनीं ओएसडी हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेशों में सिविल जज कैडर की अधिकारी वंदना शर्मा की बहाली की है। वंदना शर्मा को 5 सितंबर 2023 को निलंबित किया गया था और उनके खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) के नियम 16 के तहत 22 सितंबर 2023 से अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने उनका निलंबन आदेश रद्द कर उन्हें बहाल कर दिया है। बहाली के तुरंत बाद एक अलग आदेश के जरिए उनकी सेवाएं राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के पद पर नियुक्त की गई हैं। हालांकि, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनके निलंबन अवधि के मामलों का निर्णय विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। बालकृष्ण मिश्रा बने न्यायिक अकादमी के नए निदेशक एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश के तहत जिला न्यायाधीश कैडर के अधिकारी बालकृष्ण मिश्रा को स्थानांतरित किया गया है। वर्तमान में भीलवाड़ा के पोक्सो एक्ट मामलों की विशेष अदालत संख्या-1 में कार्यरत जज मिश्रा को अब राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी, जोधपुर का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। उन्हें अपना वर्तमान प्रभार सौंपकर तुरंत नया दायित्व ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। मदनलाल बालोतिया को किया एपीओ प्रशासनिक आवश्यकताओं का हवाला देते हुए पाली जिले के बाली में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश-सह-अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के पद पर कार्यरत मदनलाल बालोतिया को तुरंत प्रभाव से पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में रखा गया है। आदेश के अनुसार, इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जोधपुर महानगर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय में रहेगा। 7 न्यायिक अधिकारियों को सौंपा अतिरिक्त कार्यभार विभिन्न जिलों में रिक्त अदालतों का काम सुचारू रखने के लिए हाईकोर्ट ने सात न्यायिक अधिकारियों को उनके वर्तमान पद के साथ-साथ अगले आदेशों तक अतिरिक्त प्रभार सौंपा है: अजमेर: एडीजे-1 रेणु श्रीवास्तव को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम विशेष न्यायालय, अजमेर। अलवर: पोक्सो कोर्ट-1 के जज जगेन्द्र कुमार अग्रवाल को पोक्सो कोर्ट-2, अलवर। बांसवाड़ा: एडीजे इंदिरा बानेरा को पोक्सो कोर्ट, बांसवाड़ा। बारां: वरिष्ठ सिविल जज-सह-सीजेएम काना राम मीणा को अतिरिक्त सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट, बारां। बूंदी: एडीजे-1 विवेक शर्मा को पोक्सो कोर्ट-1 और एडीजे-2 मीनाक्षी मीणा को पोक्सो कोर्ट-2, बूंदी। जयपुर महानगर-प्रथम: सीबीआई मामलों की विशेष अदालत-2 की जज अनिमा दाधीच को सीबीआई कोर्ट-5 का अतिरिक्त प्रभार। अतिरिक्त प्रभार वाले सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मानक परिपत्र के अनुसार न्यूनतम 40 प्रतिशत अतिरिक्त कार्य का निपटान सुनिश्चित करें। साथ ही निर्देश हैं कि जिन मामलों में आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं या उच्च न्यायालय के समयबद्ध निपटान के निर्देश हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तय किया जाए।


