जयपुर | त्रिपोलिया बाजार में शनिवार को जनानी ड्योढ़ी से निकली गणगौर माता की शाही सवारी जहां आस्था, परंपरा और उत्साह का अद्भुत दृश्य पेश कर रही थी, वहीं जयपुर पुलिस की सतर्कता ने भीड़ में संभावित अपराधों की आशंका को समय रहते खत्म कर दिया। माता के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच कुछ संदिग्ध युवक भीड़ का फायदा उठाकर घुस गए, लेकिन पुलिस की नजर से वे बच नहीं सके और उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया। थानाप्रभारी राकेश ख्यालिया के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में राजा खान (28) निवासी तोपखाना हजूरी, रामगंज, अरुण (22) निवासी नाहरगढ़, फैजान (22) निवासी महावतों का मोहल्ला, रामगंज, मोहम्मद जाफर (23) निवासी मच्छी मार्केट, रामगंज और मोहम्मद अंसार (31) निवासी नाहरी का नाका, शास्त्री नगर शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अरुण चावरिया के खिलाफ पहले से चोरी, नकबजनी और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं, जिसके बाद पुलिस अब अन्य आरोपियों की भी आपराधिक पृष्ठभूमि खंगालने में जुटी हुई है। गणगौर सवारी को देखते हुए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और ग्राउंड इंटेलिजेंस के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। यही कारण रहा कि भीड़ में घुसे संदिग्धों को समय रहते चिह्नित कर लिया गया और संभावित वारदात को टाल दिया गया। सवारी के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसी भीड़-भाड़ के माहौल में पुलिस पहले से ही अलर्ट मोड पर काम कर रही थी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जाब्ता तैनात करने के साथ-साथ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी भीड़ में मौजूद थे, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। इसी दौरान कुछ युवकों की हरकतें संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया।


