नवादा में निगरानी ब्यूरो ने वांछित वारंटी को किया गिरफ्तार:भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मामले कार्रवाई, जाली दस्तावेज तैयार करने का आरोप

नवादा में निगरानी ब्यूरो ने वांछित वारंटी को किया गिरफ्तार:भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मामले कार्रवाई, जाली दस्तावेज तैयार करने का आरोप

नवादा में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के एक मामले में वांछित वारंटी विनोद कुमार यादव उर्फ जागेश्वर यादव उर्फ जागो यादव को गिरफ्तार किया है। उसे 15 फरवरी 2026 को नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र स्थित गंगटा गांव से पकड़ा गया।

विनोद कुमार यादव, जो बिहार सैन्य पुलिस, डिहरी-2, रोहतास के बर्खास्त सिपाही संख्या-323 थे, पर आरोप है कि उन्होंने अन्य लोक सेवकों और गैर-लोक सेवकों के साथ मिलकर जाली दस्तावेज तैयार किए। इन जाली कागजातों के आधार पर उन्होंने अवैध रूप से सेवा में वापसी की और नाजायज तरीके से वेतन प्राप्त किया। पकड़े जाने के डर से उन्होंने मिलीभगत कर संबंधित मूल संचिका को भी गायब कर दिया था। 11 जून 2024 को लगाया गया था आरोप

यह गिरफ्तारी निगरानी थाना कांड संख्या-53/2009 के तहत की गई है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 109, 201, 120बी, 409, 420, 467, 468, 471, 477ए और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत आरोप लगाए गए हैं। अनुसंधान के बाद, विनोद कुमार यादव के खिलाफ 11 जून 2024 को आरोप पत्र संख्या-13/2024 माननीय न्यायालय में समर्पित किया गया था।

माननीय न्यायालय ने 9 अगस्त 2024 को इन धाराओं का संज्ञान लिया और विनोद कुमार यादव की उपस्थिति के लिए समन/जमानतीय अधिपत्र जारी किया। जब वह माननीय न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए, तो उनके खिलाफ अजमानतीय अधिपत्र (गैर-जमानती वारंट) जारी किया गया। शुरुआत में अभियुक्त अपने घर से फरार पाए गए थे। 16 फरवरी को पटना न्यायालय में किया गया प्रस्तुत इसके बाद, नवादा पुलिस अधीक्षक को सूचना दी गई, और नवादा जिला पुलिस के विशेष प्रयासों से उन्हें 15 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। 16 फरवरी 2026 को, निगरानी थाना, पटना द्वारा अभियुक्त विनोद कुमार यादव को माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। नवादा में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के एक मामले में वांछित वारंटी विनोद कुमार यादव उर्फ जागेश्वर यादव उर्फ जागो यादव को गिरफ्तार किया है। उसे 15 फरवरी 2026 को नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र स्थित गंगटा गांव से पकड़ा गया।

विनोद कुमार यादव, जो बिहार सैन्य पुलिस, डिहरी-2, रोहतास के बर्खास्त सिपाही संख्या-323 थे, पर आरोप है कि उन्होंने अन्य लोक सेवकों और गैर-लोक सेवकों के साथ मिलकर जाली दस्तावेज तैयार किए। इन जाली कागजातों के आधार पर उन्होंने अवैध रूप से सेवा में वापसी की और नाजायज तरीके से वेतन प्राप्त किया। पकड़े जाने के डर से उन्होंने मिलीभगत कर संबंधित मूल संचिका को भी गायब कर दिया था। 11 जून 2024 को लगाया गया था आरोप

यह गिरफ्तारी निगरानी थाना कांड संख्या-53/2009 के तहत की गई है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 109, 201, 120बी, 409, 420, 467, 468, 471, 477ए और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत आरोप लगाए गए हैं। अनुसंधान के बाद, विनोद कुमार यादव के खिलाफ 11 जून 2024 को आरोप पत्र संख्या-13/2024 माननीय न्यायालय में समर्पित किया गया था।

माननीय न्यायालय ने 9 अगस्त 2024 को इन धाराओं का संज्ञान लिया और विनोद कुमार यादव की उपस्थिति के लिए समन/जमानतीय अधिपत्र जारी किया। जब वह माननीय न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए, तो उनके खिलाफ अजमानतीय अधिपत्र (गैर-जमानती वारंट) जारी किया गया। शुरुआत में अभियुक्त अपने घर से फरार पाए गए थे। 16 फरवरी को पटना न्यायालय में किया गया प्रस्तुत इसके बाद, नवादा पुलिस अधीक्षक को सूचना दी गई, और नवादा जिला पुलिस के विशेष प्रयासों से उन्हें 15 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। 16 फरवरी 2026 को, निगरानी थाना, पटना द्वारा अभियुक्त विनोद कुमार यादव को माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *