CHC परबत्ता में सिविल सर्जन का सरप्राइज इंस्पेक्शन:खगड़िया में अव्यवस्था देख प्रभारी डॉक्टर का वेतन रोका, अन्य पर कार्रवाई के आदेश

CHC परबत्ता में सिविल सर्जन का सरप्राइज इंस्पेक्शन:खगड़िया में अव्यवस्था देख प्रभारी डॉक्टर का वेतन रोका, अन्य पर कार्रवाई के आदेश

खगड़िया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परबत्ता में मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र कुमार ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र में भारी अव्यवस्था, कर्मचारियों की मनमानी और अनुशासनहीनता सामने आई। निरीक्षण के बीच परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य भी मौके पर पहुंचे। सिविल सर्जन ने सबसे पहले उपस्थिति व्यवस्था की जांच की। उन्होंने पाया कि अटेंडेंस रजिस्टर प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कशिश द्वारा बंद रखा गया था। इस पर सिविल सर्जन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यालय समय पर न खुलने से कर्मचारी समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाते, जो गंभीर लापरवाही है। निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचे थे जांच में यह भी सामने आया कि किरानी चंद्रकांत निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचे थे और देरी का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बीसीएम रोशन कुमार ड्यूटी समय पर अनुपस्थित मिले। कर्मचारियों ने उनके ‘क्षेत्र में होने’ की बात कही, लेकिन वीडियो कॉल पर भी उनसे संपर्क नहीं हो सका। इसी प्रकार, हेल्थ मैनेजर नितेश कुमार भी बिना किसी पूर्व सूचना या आवेदन के गैरमौजूद पाए गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कशिश स्वयं निरीक्षण के दौरान गैरमौजूद थे, जबकि उनके खिलाफ पहले से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र कुमार ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए डॉ. कशिश का वेतन रोकने का आदेश दिया। उन्होंने सभी गैरमौजूद कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का भी निर्देश दिया। मरीजों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित हो सके। इस दौरान विधायक बाबूलाल शौर्य ने कर्मचारियों और मरीजों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्हें शीघ्र दूर किया जाएगा। लापरवाह कर्मियों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे और आम जनता को बेहतर व समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।इधर प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश सहित अन्य कर्मियों ने सिविल सर्जन के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे विभागीय कार्य से क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात थे। हालांकि औचक निरीक्षण के बाद से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई के संकेत मिलते ही लापरवाह कर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और पूरे प्रखंड में इस निरीक्षण की चर्चा जोरों पर है। खगड़िया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परबत्ता में मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र कुमार ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र में भारी अव्यवस्था, कर्मचारियों की मनमानी और अनुशासनहीनता सामने आई। निरीक्षण के बीच परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य भी मौके पर पहुंचे। सिविल सर्जन ने सबसे पहले उपस्थिति व्यवस्था की जांच की। उन्होंने पाया कि अटेंडेंस रजिस्टर प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कशिश द्वारा बंद रखा गया था। इस पर सिविल सर्जन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यालय समय पर न खुलने से कर्मचारी समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाते, जो गंभीर लापरवाही है। निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचे थे जांच में यह भी सामने आया कि किरानी चंद्रकांत निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचे थे और देरी का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बीसीएम रोशन कुमार ड्यूटी समय पर अनुपस्थित मिले। कर्मचारियों ने उनके ‘क्षेत्र में होने’ की बात कही, लेकिन वीडियो कॉल पर भी उनसे संपर्क नहीं हो सका। इसी प्रकार, हेल्थ मैनेजर नितेश कुमार भी बिना किसी पूर्व सूचना या आवेदन के गैरमौजूद पाए गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कशिश स्वयं निरीक्षण के दौरान गैरमौजूद थे, जबकि उनके खिलाफ पहले से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र कुमार ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए डॉ. कशिश का वेतन रोकने का आदेश दिया। उन्होंने सभी गैरमौजूद कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का भी निर्देश दिया। मरीजों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित हो सके। इस दौरान विधायक बाबूलाल शौर्य ने कर्मचारियों और मरीजों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्हें शीघ्र दूर किया जाएगा। लापरवाह कर्मियों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे और आम जनता को बेहतर व समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।इधर प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश सहित अन्य कर्मियों ने सिविल सर्जन के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे विभागीय कार्य से क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात थे। हालांकि औचक निरीक्षण के बाद से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई के संकेत मिलते ही लापरवाह कर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और पूरे प्रखंड में इस निरीक्षण की चर्चा जोरों पर है।  

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