किशनगंज के ठाकुरगंज में बनेगा सुरजापूरी हाट:मिथिला हाट की तर्ज पर स्थानीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा, विधायक बोले-जनता के बीच भ्रम फैला रहे लोग

किशनगंज के ठाकुरगंज में बनेगा सुरजापूरी हाट:मिथिला हाट की तर्ज पर स्थानीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा, विधायक बोले-जनता के बीच भ्रम फैला रहे लोग

किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में स्थानीय सुरजापूरी संस्कृति, कला और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष हाट का निर्माण प्रस्तावित है। ठाकुरगंज के विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने बताया कि मधुबनी जिले में विकसित मिथिला हाट की सफलता को देखते हुए इसी मॉडल पर ठाकुरगंज में सुरजापूरी हाट बनाया जाएगा। विधायक गोपाल अग्रवाल ने पटना जाते समय ठाकुरगंज में मीडिया से बातचीत में बताया कि यह हाट ठाकुरगंज के चूरली पंचायत और नगर पंचायत के वार्ड नंबर 01 में कृषि भूमि पर बनाने का प्रस्ताव है। उन्होंने जिला पदाधिकारी से इसकी संभावनाओं की जांच करने और संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजने को कहा है। यह हाट स्थानीय सुरजापूरी भाषा, लोक संगीत, हस्तशिल्प, व्यंजनों और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2023 में मिथिला हाट का हुआ था उद्घाटन उल्लेखनीय है कि मिथिला हाट का उद्घाटन 11 जनवरी 2023 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। यह मधुबनी जिले के झंझारपुर ब्लॉक के अररिया संग्राम गांव में स्थित है। बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित यह थीम-आधारित पार्क मिथिलांचल की पारंपरिक कला, व्यंजन और संस्कृति को प्रदर्शित करता है और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। इसी तर्ज पर सुरजापूरी हाट सीमांचल क्षेत्र की अनूठी सुरजापूरी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा। जनता के बीच भ्रम फैला रहे लोग इस बीच, पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने बुधवार को अपने फेसबुक पर सुरजापूरी हाट को लेकर एक पोस्ट किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक गोपाल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने इस परियोजना के लिए पहले ही रोडमैप तैयार कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं। अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वे जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री से मिलकर सुरजापूरी हाट सहित ठाकुरगंज के विकास से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह पहल ठाकुरगंज और आसपास के क्षेत्रों में सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी गति देगी। स्थानीय लोग इसे अपनी भाषा और परंपराओं को जीवित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं। विधायक के अनुसार, प्रस्ताव जल्द ही अंतिम रूप लेगा और कार्य शुरू हो जाएगा। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में स्थानीय सुरजापूरी संस्कृति, कला और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष हाट का निर्माण प्रस्तावित है। ठाकुरगंज के विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने बताया कि मधुबनी जिले में विकसित मिथिला हाट की सफलता को देखते हुए इसी मॉडल पर ठाकुरगंज में सुरजापूरी हाट बनाया जाएगा। विधायक गोपाल अग्रवाल ने पटना जाते समय ठाकुरगंज में मीडिया से बातचीत में बताया कि यह हाट ठाकुरगंज के चूरली पंचायत और नगर पंचायत के वार्ड नंबर 01 में कृषि भूमि पर बनाने का प्रस्ताव है। उन्होंने जिला पदाधिकारी से इसकी संभावनाओं की जांच करने और संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजने को कहा है। यह हाट स्थानीय सुरजापूरी भाषा, लोक संगीत, हस्तशिल्प, व्यंजनों और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2023 में मिथिला हाट का हुआ था उद्घाटन उल्लेखनीय है कि मिथिला हाट का उद्घाटन 11 जनवरी 2023 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। यह मधुबनी जिले के झंझारपुर ब्लॉक के अररिया संग्राम गांव में स्थित है। बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित यह थीम-आधारित पार्क मिथिलांचल की पारंपरिक कला, व्यंजन और संस्कृति को प्रदर्शित करता है और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। इसी तर्ज पर सुरजापूरी हाट सीमांचल क्षेत्र की अनूठी सुरजापूरी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा। जनता के बीच भ्रम फैला रहे लोग इस बीच, पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने बुधवार को अपने फेसबुक पर सुरजापूरी हाट को लेकर एक पोस्ट किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक गोपाल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने इस परियोजना के लिए पहले ही रोडमैप तैयार कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं। अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वे जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री से मिलकर सुरजापूरी हाट सहित ठाकुरगंज के विकास से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह पहल ठाकुरगंज और आसपास के क्षेत्रों में सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी गति देगी। स्थानीय लोग इसे अपनी भाषा और परंपराओं को जीवित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं। विधायक के अनुसार, प्रस्ताव जल्द ही अंतिम रूप लेगा और कार्य शुरू हो जाएगा।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *