सरगुजा ओलंपिक 2026 के संभागस्तरीय प्रतियोगिताओं का समापन सोमवार को पीजी कॉलेज में किया गया। समापन समारोह में भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान, पद्मश्री एवं अर्जुन अवार्ड से सम्मानित बाइचुंग भूटिया शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों को लगन से कड़ी मेहनत करने की सीख दी। छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों को प्रोत्सहित करने का असर दिखेगा। समापन समारोह को संबोधित करते हुए बाइचुंग भूटिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन खेलों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। इसका असर हमें जरूर दिखेगा और छत्तीसगढ़ के युवा खेलों में देश का नाम रोशन करेंगे। मैं भी ट्राइबल लड़का हूँ और सिक्किम के छोटे से गाँव से आता हूं। वहाँ से निकलकर मुझे भारत के लिए खेलने का मौका मिला है, यह मैटर नहीं करता कि आप कहां से हैं जबकि आपकी प्रतिभा और मेहनत आपको आगे लेकर जाती है। अनुशासन से मिलती है सफलता-नेताम
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसी काम को पूरा करने में अगर पूरी जुनून, लगन और अनुशासन हो, तो निश्चित ही आपको सफलता मिलेगी। हमारी छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं को अवसर दिया है, आज छत्तीसगढ़ के हर कोने से खिलाड़ी निकलकर आ रहे हैं। सरगुजा अंचल में ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जो राष्ट्रीय मंच पर अपना एक जलवा बिखेर चुके हैं। उन्होंने सभी विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा ओलम्पिक में 12 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं हैं, हमारा प्रयास रहेगा कि आगामी आयोजन में सरगुजा जिले के अन्य पारम्परिक खेलों को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि 26 मार्च से अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुरुआत होगा जिसमें रायपुर सहित बस्तर सरगुजा में भी खेल आयोजित होंगे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक खेल तनुजा सलाम ने सरगुजा ओलम्पिक 2026 के पूरे आयोजन की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विजेता खिलाड़ी एवं टीमें पुरस्कृत
सरगुजा ओलंपिक के तीन दिवसीय आयोजन में संभाग के सभी जिलों के दो हजार से से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए। 12 विधााओं में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को पुरस्कृत किया गया। समापन समारोह में जिपं अध्यक्ष निरूपा सिंह, महापौर मंजूषा भगत, सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, जिपं उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, कलेक्टर अजीत वसंत, एसएसपी राजेश अग्रवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी एवं कोच उपस्थित रहे। पांच करोड़ खर्च, अव्यवस्था के शिकार हुए खिलाड़ी
सरगुजा ओलंपिक के आयोजन में अव्यवस्था भी दिखी। खिलाड़ियों का भोजन खुले में टेंट के नीचे बनाया जा रहा था, जहां आवारा कुत्ते एवं जानवर घूमते हुए एवं खाना बनाने के बर्तनों में पानी एवं खाने के सामानों में मुंह लगाते दिखे। खिलाड़ियों के रूकने की व्यवस्था भी स्कूलों एवं राजमोहनी भवन के साथ सामुदायिक केंद्रों में की गई थी, जहां नहाने एवं टायलेट की अपर्याप्त व्यवस्था से खिलाड़ी जूझते रहे।


