देशभर में वांटेड व पिछले 20 साल से ठगी और रंगदारी की पुश्तैनी गैंग चला रहे राजू ईरानी को शनिवार सुबह सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। राजू वहां अपने एक रिश्तेदार के घर पर छिपा था। गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस उसे लेने सूरत रवाना हो गई है। उसे रविवार शाम तक भोपाल लाया जा सकता है। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के मुताबिक, 27-28 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात ईरानी डेरे पर छापेमारी के बाद पुलिस ने कई वांटेड पकड़े थे। इसी दौरान महिलाओं ने पथराव किया। तब राजू फरार हो गया। सूचना थी कि सूरत में उसके कई रिश्तेदार रहते हैं। सूरत पुलिस को भी अलर्ट किया था। भोपाल में ईरानी डेरे की शुरुआत और उसकी पकड़ 1970 के दशक से मानी जाती है। तब इस डेरे का सरदार राजू ईरानी का पिता हसमत ईरानी था। साल 2000 के बाद और खास तौर पर 2006 में पहला केस दर्ज होने के बाद राजू ने धीरे-धीरे पिता की जगह ले ली। अपनी गैंग को मप्र से बाहर फैलाया। देशभर में ठगी और हथियार सप्लाई करता था… सूरत क्राइम ब्रांच ने पकड़ा, आज भोपाल लाएंगे 6 गैंग, देशभर में अपराध, इसे 7 राज्यों की पुलिस ढूंढ रही थी पुलिस, साधु और सीबीआई अफसर के भेष में ठगी करता मुखबिरी के शक में परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश ईरानी डेरे के कंट्रोल के लिए राजू और काला में जंग… काला ईरानी तो अब भी फरार सुनीत सक्सेना की रिपोर्ट राजू ईरानी भले ही पकड़ा जा चुका है, लेकिन निशातपुरा की अमन कॉलोनी में बसा ईरानी डेरा दो कुख्यात गिरोहों के बीच अंदरूनी जंग का केंद्र बन चुका है। इस जंग के दो चेहरे हैं- राजू व काला ईरानी। दोनों के काम करने का तरीका अलग है, अपराध का दायरा भी अलग है, पर मकसद एक ही है- देशभर में अपराध से पैसा कमाना। ईरानी डेरा दो हिस्सों में बंट चुका है। एक हिस्से पर राजू का दबदबा है, तो दूसरे हिस्से पर काला का। दोनों के बीच खुली भिड़ंत कम दिखती है, पर वर्चस्व की लड़ाई लगातार चल रही है। इलाके में किसका हुक्म चलेगा और किस गिरोह का दबदबा रहेगा, यही इस टकराव की असली वजह है। राजू ईरानी : कागजी खेल से ठगी, जमीन कब्जाने का काम काला ईरानी: दूसरे राज्यों के अपराधियों को शरण देता है


