एनसीपी (शरद पवार गुट) की कार्याध्यक्ष और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर बड़ा और भावुक बयान दिया है। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनका परिवार इस समय बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा है। उन्होंने अजित पवार को ‘दादा’ कहते हुए पुरानी बातों को दोहराने से इनकार किया और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने की नैतिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
परिवार मुश्किल वक्त में एकजुट
सुप्रिया सुले ने कहा, ‘हमारा परिवार इस वक्त बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है। हम एक-दूसरे का सहारा लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आज दादा हमारे बीच नहीं हैं, इसलिए मैं पुरानी बातों को उछालना नहीं चाहती। वे मेरे दादा थे, लेकिन आज वे हमारे साथ नहीं हैं।’ उन्होंने बताया कि परिवार दुख में एकजुट है और एक-दूसरे को सपोर्ट कर रहा है। अजित पवार की मौत 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास प्लेन क्रैश में हुई थी, जिसमें 5 अन्य लोग भी मारे गए थे।
अधूरे सपनों को पूरा करने की नैतिक जिम्मेदारी
सुप्रिया सुले ने जोर देकर कहा कि अजित पवार के अधूरे सपनों को पूरा करना अब सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने की नैतिक जिम्मेदारी हम सभी पर है।’ यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण है, क्योंकि अजित पवार एनसीपी के प्रमुख नेता थे और उनकी मौत के बाद पार्टी में कई सवाल उठे हैं। सुप्रिया ने एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर चर्चा से इनकार करते हुए कहा कि पुरानी बातें अब हमारे बीच ही रहेंगी।
जांच पर भरोसा, रोहित पवार की बेचैनी स्वाभाविक
सुप्रिया सुले ने रोहित पवार की बेचैनी को स्वाभाविक बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की विस्तृत जांच का भरोसा दिया है। क्या हुआ, कैसे हुआ और क्या इसे रोका जा सकता था – ऐसे कई सवाल हैं। मुख्यमंत्री ने विस्तृत जांच का वादा किया है। हमें उसके नतीजे का इंतजार करना चाहिए।
नेताओं का सहयोग और परिवार का आभार
सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, राजनाथ सिंह और ओमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने शरद पवार की हाल की बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने पर परिवार से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि सभी ने परिवार के साथ खड़े होकर सहारा दिया।


