यूजीसी कानून पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने से सवर्ण समाज में खुशी का माहौल है। समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर शंखनाद किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इस कानून पर 18 मार्च तक रोक लगाते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय की है। ब्राह्मण एकता मंच के राम दुबे ने बताया कि यूजीसी कानून को लेकर उनकी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उनके आंदोलन को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में उल्लेख किया है कि यह कानून देश को 75 साल पुरानी स्थिति में ले जाने का प्रयास करता है, जो न्यायसंगत नहीं है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने कानून पर अंतरिम रोक लगाई है। इस फैसले की खुशी में ब्राह्मण एकता मंच और भगवान परशुराम वंशज सहित अन्य संगठनों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर जैन समाज और अग्रवाल समाज ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। 18 मार्च की सुनवाई के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। समाज को विश्वास है कि अंतिम निर्णय उनके पक्ष में आएगा और न्याय की जीत होगी।


