सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (13 मार्च) को एक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि क्या आप चाहते हैं कि हम पूरे देश को चलाएं?। याचिका में देश में सड़कों, पुलों और बिजली की तारों आदि की ठीक से देखभाल करके जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि यह याचिका शॉपिंग मॉल जैसी है, जिसमें हर तरह की मांग रख दी गई है। पीठ ने कहा कि ऐसे व्यापक आदेश देना लगभग असंभव है, जब तक कि उठाए गए मुद्दे स्पष्ट और विशेष न हों। इसलिए हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। हाईकोर्ट जाने को कहा हालांकि अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहे तो उचित तरीके से नई याचिका बनाकर संबंधित हाईकोर्ट में जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मामले की असल बातों (मेरिट) पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है। CJI ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि आप बहुत व्यापक निर्देश मांग रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इन निर्देशों का राज्यों के वित्त (पैसों) पर असर पड़ेगा, इसलिए राज्यों की स्थिति समझने के लिए हाईकोर्ट ज्यादा उपयुक्त हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सरकारी लापरवाही के कारण देशभर में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। याचिका में हर तरह की मांग याचिका में केंद्र सरकार और अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे:
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है। इस पर फैसला करना कोर्ट के बजाय संसद का काम है। कोर्ट शरियत कानून 1937 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इन धाराओं से मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप था। पढ़ें पूरी खबर…
सुप्रीम कोर्ट बोला-क्या आप चाहते हैं हम पूरा देश चलाएं?:याचिका शॉपिंग मॉल जैसी; सड़कों, पुलों, बिजली तारों की देखभाल करने की मांग वाली अर्जी खारिज


