राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम सुप्रजा के तहत रायपुर में गर्भवती महिलाओं प्रसव के बाद की माताओं और नवजात शिशुओं को आयुष पद्धतियों से देखभाल की सुविधा दी जा रही है। इसका उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ शिशु और महिलाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन जैसी जांचें और जरूरत पड़ने पर सोनोग्राफी की सलाह दी जाती है। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित योग, प्राणायाम और तनाव कम करने के अभ्यास सिखाए जाते हैं। साथ ही उन्हें हर महीने के अनुसार खान-पान और दिनचर्या की जानकारी दी जाती है। आयुष विभाग ने गर्भ संस्कार के तहत सकारात्मक सोच, ध्यान, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से मां और बच्चे के अच्छे विकास पर ध्यान दिया जाता है। 500 गर्भवती महिलाओं ने लिया है लाभ प्रसव के बाद माताओं और नवजात शिशुओं की नियमित जांच की जाती है। यह कार्यक्रम रायपुर की तीन आयुष संस्थाओं में चल रहा है। अक्टूबर 2023 से अब तक करीब 500 गर्भवती महिलाएं और 250 प्रसवोत्तर महिलाएं इससे लाभ ले चुकी हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की अहम भूमिका रही है। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. पूर्णिमा राजपूत, डॉ. नमीरा आलम, डॉ. प्रतिमा धृतलहरे सहित नर्सिंग स्टाफ की अहम भूमिका रही है।


