MP News: मध्य प्रदेश के खंडवा में महिला बाल विकास विभाग की एक संविदा सुपरवाइज को 5 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। उसके द्वारा एक महिला से सहायिका पद पर नियुक्ति दिलाने की एवज में 5 हजार और कार्यकर्ता पर पदस्थ कराने के 2.5 लाख रूपये मांगे थे।
आवेदिका सलिता पालवी आंगनवाडी केन्द्र-1 मोजवारी में सहायिका के पद पर पदस्थ है। सलिता ने बताया कि अक्टूबर 2025 उसकी नियुक्ति सहायिका के पद पर आगनवाडी केन्द्र 1 मोजवारी में हुई थी। उसी गांव की आंगनवाड़ी केंद्र 3 में कार्यकर्ता का पद खाली हुआ था। जिसकी आवेदक महिला पात्रता रखती है। महिला के द्वारा सहायिका कार्यकर्ता के लिए अपना फार्म महिला एवं बाल विकास विभाग खालवा में जमा करवा दिया था। तभी आंगनवाडी केन्द्र-3 में अंजिला मोहे से मुलाकात हुई। उसने सहायिका के पद पर नियुक्त कराने के लिए 5 हजार रूपये और कार्यकर्ता के पद आंगनवाडी केन्द्र-3 में 2 लाख रूपये मांगे।
5 हजार की रिश्वत लेत रंगे हाथों पकड़ाई सुपरवाइजर
आवेदिका ने शिकायत लोकायुक्त इंदौर में दर्ज कराई। सत्यापन सही पाए जाने पर गुरुवार को ट्रैप दल का गठन किया गया। जैसे ही आवेदिका से अंजिला मोहे ने 5 हजार रूपये की रिश्वत ली। तुरंत ही मौके पर मौजूद लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण सशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अतर्गत कार्यवाही जारी है।
बता दें कि, गुरुवार को सीधी जिले में 1 लाख रूपये की रिश्वत लेते भू-अर्जन कर्मचारी को रीवा लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा है। उसके द्वारा 27 लाख रूपये की मुआवजा राशि का आधा यानी 13 लाख 50 हजार रूपये मांगे जा रहे थे।


