बच्चा चोरी की अफवाहों पर सुपौल पुलिस अलर्ट:SP बोले- बिना जांच वीडियो न फैलाएं, मारपीट करने वालों पर होगी कार्रवाई

बच्चा चोरी की अफवाहों पर सुपौल पुलिस अलर्ट:SP बोले- बिना जांच वीडियो न फैलाएं, मारपीट करने वालों पर होगी कार्रवाई

सुपौल जिले में सोशल मीडिया पर फैल रही बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर सुपौल पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। बुधवार की शाम पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चा चोरी गैंग से जुड़ी कई भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनके कारण समाज में अनावश्यक भय और तनाव का माहौल बन रहा है। एसपी ने बताया कि इन अफवाहों के चलते कुछ स्थानों पर निर्दोष लोगों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ऐसी सभी वायरल खबरों पर लगातार नजर बनाए हुए है और अब तक कई मामलों में ये सूचनाएं पूरी तरह निराधार पाई गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी वीडियो या संदेश पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें बिना ठोस तथ्य के
शरथ आरएस ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी खबरें अक्सर बिना किसी ठोस तथ्य के बनाई जाती हैं, जो समाज में डर और भ्रम फैलाने का काम करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अफवाहों के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ कानून अपने हाथ में लेकर कार्रवाई करना दंडनीय अपराध है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है या बच्चा चोरी से संबंधित कोई सूचना मिलती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। इसके लिए डायल-112 पर कॉल किया जा सकता है या जिले के किसी भी पुलिस पदाधिकारी के मोबाइल नंबर पर सीधे संपर्क किया जा सकता है। सुपौल पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में जिले के सभी प्रमुख पुलिस पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि आम लोग जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकें। पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है
पुलिस ने विशेष रूप से अभिभावकों और ग्रामीण इलाकों के लोगों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें, लेकिन अफवाहों के आधार पर किसी भी अजनबी को अपराधी मानकर भीड़तंत्र का हिस्सा न बनें। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में सबसे सुरक्षित और सही कदम पुलिस को सूचना देना ही है। सुपौल पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अंत में पुलिस ने संदेश दिया- “आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” अधिकारियों ने लोगों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने, अफवाहों पर विराम लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। सुपौल जिले में सोशल मीडिया पर फैल रही बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर सुपौल पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। बुधवार की शाम पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चा चोरी गैंग से जुड़ी कई भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनके कारण समाज में अनावश्यक भय और तनाव का माहौल बन रहा है। एसपी ने बताया कि इन अफवाहों के चलते कुछ स्थानों पर निर्दोष लोगों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ऐसी सभी वायरल खबरों पर लगातार नजर बनाए हुए है और अब तक कई मामलों में ये सूचनाएं पूरी तरह निराधार पाई गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी वीडियो या संदेश पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें बिना ठोस तथ्य के
शरथ आरएस ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी खबरें अक्सर बिना किसी ठोस तथ्य के बनाई जाती हैं, जो समाज में डर और भ्रम फैलाने का काम करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अफवाहों के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ कानून अपने हाथ में लेकर कार्रवाई करना दंडनीय अपराध है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है या बच्चा चोरी से संबंधित कोई सूचना मिलती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। इसके लिए डायल-112 पर कॉल किया जा सकता है या जिले के किसी भी पुलिस पदाधिकारी के मोबाइल नंबर पर सीधे संपर्क किया जा सकता है। सुपौल पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में जिले के सभी प्रमुख पुलिस पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि आम लोग जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकें। पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है
पुलिस ने विशेष रूप से अभिभावकों और ग्रामीण इलाकों के लोगों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें, लेकिन अफवाहों के आधार पर किसी भी अजनबी को अपराधी मानकर भीड़तंत्र का हिस्सा न बनें। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में सबसे सुरक्षित और सही कदम पुलिस को सूचना देना ही है। सुपौल पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अंत में पुलिस ने संदेश दिया- “आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” अधिकारियों ने लोगों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने, अफवाहों पर विराम लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।  

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